शुक्रवार को Nifty Pharma इंडेक्स ने **27,917.25** के अपने नए ऑल-टाइम हाई को छू लिया है। यह तेजी कंपनियों के शानदार Q2 नतीजों और नए कॉन्ट्रैक्ट्स की बदौलत आई है, हालांकि बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों ने निवेशकों की चिंता भी बढ़ा दी है।
बाजार में फार्मा का डंका
फार्मा शेयरों में छाई जबरदस्त रौनक के चलते Nifty Pharma इंडेक्स ने शुक्रवार को 27,917.25 के ऐतिहासिक स्तर को छू लिया। साल 2027 के फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही के बेहतर नतीजों के बाद निवेशक फार्मा कंपनियों के शेयरों को तेजी से खरीद रहे हैं। कई कंपनियों ने नए लाइसेंसिंग सौदों और बेहतरीन प्रोडक्ट लॉन्च के दम पर निवेशकों का भरोसा जीता है।
प्रमुख खिलाड़ियों का प्रदर्शन
इस रिपोर्टिंग सीजन में कुछ कंपनियां निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरी हैं:
- Symbiotec Pharmalab: कंपनी का रेवेन्यू 43% बढ़कर ₹280 करोड़ के पार पहुंच गया। एक यूरोपीय कंपनी के साथ 10 साल के मैन्युफैक्चरिंग कॉन्ट्रैक्ट की खबर के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया।
- Sai Life Sciences: कंपनी ने 23% रेवेन्यू ग्रोथ और 28% का शानदार ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन दर्ज किया है। साथ ही, कंपनी ने कॉम्प्लेक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने के लिए पहली छमाही में ₹621 करोड़ का निवेश भी किया है।
क्या है चिंता की बात?
मार्केट एक्सपर्ट्स अब थोड़ा सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि रेवेन्यू बढ़ रहा है, लेकिन बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चों का दबाव मार्जिन पर दिख रहा है। कर्मचारियों की सैलरी, डेप्रिसिएशन और ऑपरेशनल खर्चों में बढ़ोतरी के चलते मुनाफे पर चोट पड़ सकती है। इसके अलावा, कई शेयरों में हालिया भारी उछाल के बाद अब वे 'ओवरवैल्यूड' नजर आ रहे हैं, जिससे शॉर्ट टर्म में और तेजी की गुंजाइश कम हो सकती है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
कंपनियों का वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट भी एक अहम मुद्दा है। लार्ज-स्केल मैन्युफैक्चरिंग मॉडल में पेमेंट मिलने में लंबा समय लग सकता है, जो कैश फ्लो पर असर डालता है। आने वाले समय में कंपनियों के लिए अमेरिका जैसे रेगुलेटेड बाजारों में नए उत्पादों की सप्लाई शुरू करना और कॉस्ट स्ट्रक्चर को कंट्रोल में रखना ही असली परीक्षा होगी।
