शेयर में आई तूफानी तेजी, ₹1,059 का लेवल पार
Natco Pharma के शेयर ने पिछले 13 महीनों के अहम रेजिस्टेंस लेवल ₹1,051-₹1,059 को शानदार ढंग से पार कर लिया है। इस ब्रेकआउट को लगभग दोगुने ट्रेडिंग वॉल्यूम का साथ मिला, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन अप्रैल 2026 की शुरुआत तक लगभग ₹19,400 करोड़ था। वहीं, टेक्निकल इंडिकेटर्स जैसे 50-दिन मूविंग एवरेज का 200-दिन मूविंग एवरेज के ऊपर जाना (गोल्डन क्रॉसओवर) और 24.93 पर बढ़ता हुआ ADX, स्टॉक में मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं।
किफायती दवा और बिजनेस डी-मर्जर बने मुख्य वजह
कंपनी ने हाल ही में भारत में अपनी Semaglutide Injection को मल्टी-डोज वायल में लॉन्च किया है। यह डायबिटीज और वजन घटाने के इलाज के लिए वायल फॉर्म में पेश की जाने वाली पहली भारतीय दवा है, जो बाजार तक पहुंच की बाधाओं को दूर करेगी। पेन डिवाइस की तुलना में यह लगभग 70% और ओरिजिनल ब्रांड से 90% सस्ती है, जिसका लक्ष्य भारत की विशाल आबादी की जरूरतें पूरी करना है। उम्मीद है कि Semaglutide के पेटेंट (मार्च 2026) की समाप्ति के बाद भारतीय GLP-1 मार्केट 2030 तक पांच गुना बढ़ जाएगा।
इसके साथ ही, Natco Pharma के बोर्ड ने 24 मार्च 2026 को अपने एग्रोकेमिकल बिजनेस को एक नई, पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Natco Crop Health Sciences Ltd., में अलग करने की मंजूरी दे दी है। शेयरधारकों को इस नई एंटिटी में उनके मौजूदा शेयरों के अनुपात में शेयर मिलेंगे। इस कदम का उद्देश्य ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करना और अलग वैल्यू स्ट्रीम खोलना है।
वैल्यूएशन में अंतर और मजबूत बैलेंस शीट
Natco Pharma का P/E रेश्यो लगभग 12.45 है, जो कि इसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी आकर्षक है। उदाहरण के लिए, Sun Pharma का P/E 33.97, Divi's Laboratories का 61.42, और Dr. Reddy's Laboratories का 17.94 है। यह कम वैल्यूएशन तब और महत्वपूर्ण हो जाता है जब हम देखते हैं कि पिछले एक साल में स्टॉक में 41.33% से अधिक की वृद्धि हुई है और प्रॉफिट ग्रोथ 41.62% रही है। कंपनी की बैलेंस शीट भी काफी मजबूत है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो केवल 0.03 है।
विश्लेषकों की मिली-जुली राय
इन सकारात्मक संकेतों और रणनीतिक कदमों के बावजूद, विश्लेषकों की राय Natco Pharma के बारे में मिली-जुली है। वर्तमान में 'न्यूट्रल' रेटिंग के साथ, 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट ₹987 है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 4% की संभावित गिरावट का संकेत देता है। कुछ रिपोर्ट्स अगले तीन वर्षों में कमाई और रेवेन्यू में गिरावट का अनुमान लगा रही हैं, जिसमें EPS में -31.2% और रेवेन्यू में -12.7% की वार्षिक गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि, समग्र भारतीय फार्मा उद्योग के FY2026 में 9-11% बढ़ने की उम्मीद है।
चुनौतियां और बाजार की सतर्कता
Semaglutide के लिए Natco Pharma की आक्रामक मूल्य निर्धारण रणनीति वॉल्यूम बढ़ा सकती है, लेकिन कम मार्जिन वाले उत्पादों पर लंबी अवधि की लाभप्रदता पर नजर रखनी होगी। GLP-1 दवाओं के लिए रेगुलेटरी माहौल भी टाइट हो रहा है। एग्रोकेमिकल बिजनेस को अलग करने से वैल्यू अनलॉक हो सकती है, लेकिन इसमें नई कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर अनिश्चितताएं भी हैं। विश्लेषकों की मिश्रित रेटिंग और लक्ष्य बाजार की सतर्कता को दर्शाते हैं, खासकर हालिया तेज उछाल के बाद।