Narayana Hrudayalaya Limited (NHL) ने Q3 FY26 में ज़बरदस्त परफॉरमेंस दिखाई है, जिसका मुख्य श्रेय उसके भारतीय ऑपरेशंस को जा रहा है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम्स और बेहतर पे-यर मिक्स (Payor Mix) ऑप्टिमाइजेशन ने नतीजों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
खासकर, बैंगलोर क्लस्टर में रोबोटिक कार्डियक सर्जरी और हाई-एंड स्पेशियलिटी सेवाओं में ग्रोथ ने कंपनी को मजबूती दी है। NHL अब भारत के मुख्य मार्केट्स – बैंगलोर, दिल्ली और कोलकाता – में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
दक्षता (Efficiency) बढ़ाने के लिए, कंपनी ने सिनर्जी (Synergies) और लागत (Costs) को बेहतर ढंग से मैनेज करने के लिए अपने क्लिनिक प्रोग्राम को मुख्य एंटिटी में इंटीग्रेट कर लिया है। कंपनी का लक्ष्य कंसोलिडेटेड आधार पर नेट डेट टू EBITDA रेशियो को 2.5x से नीचे बनाए रखना है।
ये शानदार नतीजे NHL की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और भारतीय मार्केट में मजबूत पकड़ को दर्शाते हैं, खासकर हाई-मार्जिन प्रोसीज़र्स में। यह फाइनेंशियल स्ट्रेंथ कंपनी के लिए यूके में बड़े स्ट्रेटेजिक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है।
हालांकि, यूके में किए गए अधिग्रहण (Practice Plus Group - PPG) का एकीकरण (Integration) एक बड़ी चुनौती है। मैनेजमेंट का लक्ष्य EPS न्यूट्रैलिटी हासिल करना है, लेकिन फिलहाल यह ROCE (Return on Capital Employed) पर थोड़ा नकारात्मक असर डाल रहा है। डोमेस्टिक ग्रोथ को बढ़ाने के साथ-साथ इस इंटरनेशनल वेंचर को संभालना एक नाजुक संतुलन बनाने जैसा है।
NHL अपने भारतीय फ्लैगशिप हॉस्पिटल्स के विस्तार के लिए करीब ₹3,000 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) करने की योजना बना रहा है। कंपनी का फोकस हाई-मार्जिन स्पेशियलिटी सेवाओं से प्रॉफिट ग्रोथ बनाए रखने पर होगा।
शेयरहोल्डर्स को निकट भविष्य में यूके की Practice Plus Group Birmingham यूनिट के इंटीग्रेशन और ब्रेक-ईवन टाइमलाइन पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, उत्तरी भारत में कुछ पेयर्स (Payors) के साथ रिसीवेबल (Receivable) की चुनौतियां और बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी कंपनी की रणनीति पर ध्यान देना होगा। यूके एंटिटी के इंश्योरेंस लॉस रेश्यो का अनुमान लगाना भी बड़े क्लेम्स और मार्केट की अस्थिरता के कारण थोड़ा मुश्किल हो सकता है।