NATCO Pharma: नतीजों में उछाल, भविष्य के लिए बड़ी चाल! नई दवाओं और अधिग्रहण पर दांव

HEALTHCAREBIOTECH
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
NATCO Pharma: नतीजों में उछाल, भविष्य के लिए बड़ी चाल! नई दवाओं और अधिग्रहण पर दांव
Overview

NATCO Pharma ने FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर **8.3%** बढ़कर **₹705.4 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट **₹151.3 करोड़** दर्ज किया गया। कंपनी अब बड़े अधिग्रहण (M&A) और नई दवाओं के लॉन्च पर दांव लगाने की तैयारी में है।

NATCO Pharma के नतीजों पर नजर डालें तो, कंपनी ने FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) में सालाना आधार पर 8.3% की ग्रोथ हासिल की है, जिससे कुल रेवेन्यू ₹705.4 करोड़ तक पहुंच गया। इस दौरान, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹151.3 करोड़ रहा, जो निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। EBITDA मार्जिन भी मजबूत 30.7% पर बना रहा, जो ₹216.8 करोड़ के बराबर है। फाइनेंशियल ईयर 26 के पहले नौ महीनों (9MFY26) में, कंपनी का रेवेन्यू ₹3,559 करोड़ और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,150 करोड़ दर्ज किया गया। आगे की रणनीति पर कंपनी का भरोसा कायम है; पूरे फाइनेंशियल ईयर 26 के लिए रेवेन्यू ₹4,200 - ₹4,300 करोड़ और PAT ₹1,280 - ₹1,300 करोड़ के बीच रहने का अनुमान है। निवेशकों के लिए एक और अच्छी खबर है - कंपनी ने ₹1.5 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।

कंपनी अब भविष्य की ग्रोथ के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है। NATCO Pharma की योजनाएं नई दवाओं के लॉन्च और बड़े अधिग्रहणों (M&A) पर केंद्रित हैं। भारत में Semaglutide (डायबिटीज और मोटापे के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा) को जल्द लॉन्च करने की तैयारी है, जो फिलहाल ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) की मंजूरी का इंतजार कर रही है। Erdafitinib और Olaparib जैसी अन्य महत्वपूर्ण दवाओं के लॉन्च की समय-सीमा फिलहाल चल रहे पेटेंट संबंधी कानूनी मामलों (Para IV filings) के नतीजों पर निर्भर करेगी।

कंपनी मर्जर और अधिग्रहण (M&A) के लिए भी कमर कस रही है। उसके पास करीब ₹2,500 करोड़ की मजबूत नेट कैश पोजीशन है, जिसका उपयोग 2026 में 1-2 बड़ी अधिग्रहण योजनाओं को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही, NATCO Pharma अपने क्रॉप हेल्थ साइंस बिजनेस को डीमर्ज (अलग) करने पर भी काम कर रही है, जिसके अक्टूबर-नवंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

NATCO की महत्वाकांक्षी भविष्य योजनाओं में eGenesis जैसी हाई-रिस्क, हाई-रिवॉर्ड वाली कंपनियों में निवेश शामिल है, जो CRISPR तकनीक पर काम करती है। पूर्व में कंपनी के लिए बड़ी आय का स्रोत रही दवा Revlimid की बिक्री में भारी गिरावट आई है। Q3 FY26 में इससे लगभग शून्य रेवेन्यू मिला और आने वाली तिमाहियों में भी खास योगदान की उम्मीद नहीं है। कंपनी का मैनेजमेंट फाइनेंशियल ईयर 26 की दूसरी छमाही (H2 FY26) को भविष्य के विकास के लिए एक 'नई बेसलाइन' मानता है, जिसे इन नई पहलों से आगे बढ़ाया जाएगा। अमेरिकी रेगुलेटर्स की नजर कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज पर बनी हुई है। जहां कोथुर प्लांट से वार्निंग लेटर हट गया है और मेकागुडा को मंजूरी मिली है, वहीं चेन्नई और विजाग प्लांट की स्थिति और निरीक्षण अभी बाकी हैं।

लंबे समय में, NATCO Pharma का लक्ष्य अगले 5-10 वर्षों में ₹10,000 करोड़ का टर्नओवर हासिल करना है, जो कि एक बड़ा लक्ष्य है और कंपनी की ग्रोथ की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.