डोमेस्टिक फॉर्मूलेशन की धांसू परफॉरमेंस
Mankind Pharma का डोमेस्टिक फॉर्मूलेशन बिजनेस एक बार फिर रंगत में लौट आया है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस सेगमेंट ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 11.5% का शानदार ईयर-ऑन-ईयर (Year-on-Year) ग्रोथ दर्ज किया है। यह ग्रोथ इंडियन फार्मास्युटिकल इंडेक्स (IPM) की 10.6% की ओवरऑल ग्रोथ को 1.1% के अंतर से पछाड़ देती है।
क्रॉनिक थेरेपीज़ में दम
यह रिकवरी खासकर क्रॉनिक थेरेपीज़ (Chronic Therapies) यानी लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के इलाज में काफी मजबूत दिख रही है। कार्डियक (Cardiac) यानी दिल की बीमारियों से जुड़ी दवाओं की बिक्री में लगभग 20% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई है। वहीं, एंटी-डायबिटिक (Anti-Diabetic) यानी डायबिटीज की दवाओं के सेगमेंट में करीब 12.6% की ग्रोथ मिली है। ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी के मैनेजमेंट में सुधार हुआ है और री-स्ट्रक्चरिंग (Restructuring) के बाद फील्ड फोर्स की परफॉरमेंस भी स्टेबल हुई है।
वैल्यूएशन और आगे की राह
Motilal Oswal के मुताबिक, Mankind Pharma का वैल्यूएशन अगले 12 महीनों के अनुमानित मुनाफे (Forward Earnings) का लगभग 35 गुना है। यह वैल्यूएशन कंपनी की ग्रोथ की मजबूत संभावनाओं, डोमेस्टिक मार्केट में उसकी पकड़ और हालिया एक्विजिशन (Acquisitions) से मिलने वाले तालमेल (Synergies) को दर्शाता है। ब्रोकरेज फर्म अपनी 'BUY' रेटिंग पर कायम है और शेयर के लिए ₹2,640 का टारगेट रखती है।
