CDMO डील बनी बड़ी वजह
इस ₹825 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) एग्रीमेंट ने निवेशकों को उत्साहित कर दिया है। मंगलवार को Morepen Laboratories का शेयर 7.6% चढ़कर ₹48.85 तक पहुंच गया। यह उछाल पिछले कुछ दिनों में स्टॉक में आई 23% की तेजी को आगे बढ़ाता है।
यह डील कंपनी के अब तक के सबसे बड़े CDMO सौदों में से एक है और इसे फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही तक पूरा किया जाना है, जिसकी शुरुआत अगले 4 से 5 महीनों में हो सकती है। यह सब तब हुआ जब BSE Sensex 0.88% गिर रहा था। पिछले महीने में Morepen Laboratories ने अपने निवेशकों को 34% का ज़बरदस्त रिटर्न दिया है, जबकि Sensex सिर्फ 2.2% ही बढ़ा।
नई रणनीति और मार्केट पोजीशन
यह CDMO एग्रीमेंट Morepen Laboratories की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद अपने पारंपरिक API (Active Pharmaceutical Ingredients) बिज़नेस से आगे बढ़कर वैल्यू बढ़ाना है। कंपनी का मानना है कि उसका CDMO प्लेटफॉर्म फार्मा इनोवेटर्स के साथ गहरे और लंबे समय तक चलने वाले सहयोग से स्थिरता लाएगा।
हालांकि, भारत का CDMO मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है, और इसमें Divi's Laboratories (मार्केट कैप लगभग $20 बिलियन, P/E 55x) और Laurus Labs (मार्केट कैप लगभग $4 बिलियन, P/E 38x) जैसी बड़ी कंपनियां पहले से ही मौजूद हैं। Morepen की मौजूदा मार्केट कैप लगभग $1.5 बिलियन है और इसका P/E 45x के आसपास है, जो इसे एक प्रतिस्पर्धी वैल्यूएशन ब्रैकेट में रखता है।
हालिया नतीजे और चिंताएं
हाल ही में, Q3 FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 3% बढ़कर ₹27.5 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 6.9% बढ़कर ₹484.16 करोड़ दर्ज किया गया। यह दिखाता है कि रेवेन्यू तो बढ़ रहा है, लेकिन प्रॉफिट ग्रोथ उतनी दमदार नहीं है, जो मार्जिन पर दबाव या बढ़ती ऑपरेटिंग कॉस्ट का संकेत हो सकता है।
इस डील से जुड़ी एक बड़ी चिंता यह है कि कंपनी एक ही, बड़े गुमनाम पार्टनर पर ज़्यादा निर्भर हो जाएगी। अगर उस पार्टनर के साथ कोई दिक्कत आती है या डील के एग्जीक्यूशन में परेशानी होती है, तो इसका कंपनी की कमाई पर सीधा असर पड़ सकता है। बाज़ार विश्लेषक इस डील को लेकर मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। कुछ का मानना है कि वैल्यूएशन थोड़ा महंगा हो सकता है और एग्जीक्यूशन कैपेबिलिटी पर सवाल उठा रहे हैं, और टारगेट प्राइस में ज़्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं कर रहे।
भविष्य की राह
भविष्य में, Morepen Laboratories का मैनेजमेंट अपने CDMO प्लेटफॉर्म को ग्रोथ का एक प्रमुख ज़रिया मान रहा है। कंपनी का लक्ष्य ग्लोबल फार्मा इनोवेटर्स के साथ मिलकर मल्टी-ईयर सप्लाई प्रोग्राम तैयार करना है, जो फार्मा सेक्टर के बढ़ते रुझान के अनुरूप है।
लेकिन, बाज़ार इस ₹825 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट की सफल शुरुआत और एग्जीक्यूशन पर कड़ी नज़र रखेगा। साथ ही, कंपनी को Divi's Labs और Laurus Labs जैसे दिग्गजों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में नए बिज़नेस सुरक्षित करने होंगे।