Morepen Laboratories के निवेशकों की मौज हो गई है। कंपनी ने तय समय से पहले अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ा लिया है, जिसके चलते शेयर ने ₹122.14 का नया 52-हफ्ते का हाई लेवल टच कर लिया है।
कंपनी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 7 सितंबर, 2026 को जोरदार प्रदर्शन करते हुए 7% की बढ़त हासिल की और ₹122.14 के नए 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर को छू लिया। यह उछाल कंपनी द्वारा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विस्तार के पहले चरण को समय से पहले पूरा करने की आधिकारिक घोषणा के बाद आया है।
CDMO ग्रोथ के लिए बढ़ाई क्षमता
Morepen Laboratories ने अपने API और CDMO सेगमेंट के लिए रिएक्टर क्षमता को 535 KL से बढ़ाकर 614 KL कर दिया है। यह अपग्रेड उम्मीद से काफी जल्दी पूरा किया गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह नया इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के कमर्शियल CDMO बिजनेस को स्केल करने में बड़ी भूमिका निभाएगा, जो कि पिछले कुछ समय से कंपनी की ग्रोथ का मुख्य इंजन बना हुआ है।
इस विस्तार का मुख्य लक्ष्य ₹825 करोड़ के बड़े CDMO कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करना है। कंपनी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही से ही रेवेन्यू में योगदान देने लगा है, जिसमें ₹58 करोड़ की कमर्शियल डिस्पैच दर्ज की गई है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
Q1 FY27 में कंपनी ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 394% उछलकर ₹56.35 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, रेवेन्यू भी 34% की बढ़त के साथ ₹575.31 करोड़ दर्ज किया गया। इसके अलावा, EBITDA 207% बढ़कर ₹87.72 करोड़ रहा और मार्जिन सुधरकर 15.25% पर पहुंच गया, जो बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
आगे क्या है जोखिम?
भले ही विस्तार कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को मजबूत कर रहा है, लेकिन निवेशकों को सतर्क भी रहना चाहिए। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ काफी हद तक ₹825 करोड़ वाले बड़े CDMO मैंडेट के सही समय पर निष्पादन (execution) पर टिकी है। इसके अलावा, कंपनी का लक्ष्य 1,000 KL की कैपेसिटी तक पहुंचना है, जिसके लिए भविष्य में बड़े कैपिटल खर्च की जरूरत होगी। स्मॉल-कैप फार्मा स्टॉक होने के नाते इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, इसलिए निवेशकों को मार्जिन पर पड़ने वाले दबाव और डिमांड के बदलते पैटर्न पर नजर रखनी चाहिए।
