Molbio Diagnostics IPO: निवेश का बड़ा मौका! ₹940 Cr का इश्यू खुला, जानें क्या है दाम और ब्रोकरेज की राय

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Molbio Diagnostics IPO: निवेश का बड़ा मौका! ₹940 Cr का इश्यू खुला, जानें क्या है दाम और ब्रोकरेज की राय

Molbio Diagnostics का IPO आज, 10 अगस्त 2026 को खुल गया है। कंपनी **₹940 करोड़** जुटाने की तैयारी में है। इसका प्राइस बैंड **₹768** से **₹807** प्रति शेयर रखा गया है।

IPO में क्या है खास?

Molbio Diagnostics ने ₹939.70 करोड़ जुटाने के लिए अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च कर दिया है। इस इश्यू में ₹200 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹739.70 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। निवेश के लिए 18 शेयरों का लॉट साइज़ रखा गया है, और बोली 12 अगस्त 2026 तक लगाई जा सकती है।

'Truenat' प्लेटफॉर्म की ताकत

यह कंपनी अपने 'Truenat' प्लेटफॉर्म के लिए जानी जाती है, जो टीबी, कोविड-19 और एचआईवी जैसी बीमारियों का तुरंत पता लगाने में सक्षम है। यह पोर्टेबल और बैटरी-ऑपरेटेड डिवाइस दूर-दराज के इलाकों में भी जांच की सुविधा देता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने भी टीबी जांच के लिए इसके इस्तेमाल की सराहना की है।

ब्रोकरेज की 'सब्सक्राइब' राय

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए 'सब्सक्राइब' की सलाह दी है। इसका मुख्य कारण कंपनी का रेकरिंग रेवेन्यू मॉडल है, जहां डिवाइस लगाने के बाद डिस्पोजेबल टेस्टिंग चिप्स से कमाई जारी रहती है। फर्म ने कंपनी की मजबूत रिसर्च को भी सराहा, जिसके तहत इसके पेटेंट 100 से ज़्यादा देशों में हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹164.14 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹138.58 करोड़ से ज़्यादा है।

निवेशकों के लिए जोखिम?

हालांकि, कुछ बड़े जोखिम भी हैं जिन पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए। कंपनी की 84% रेवेन्यू सरकारी खरीद और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों से आती है। सरकारी हेल्थ बजट या नीतियों में बदलाव का सीधा असर कंपनी की कमाई पर पड़ सकता है। इसके अलावा, 70% रेवेन्यू टीबी टेस्टिंग किट्स से जुड़ा है, जो इस प्रोडक्ट की मांग में किसी भी उतार-चढ़ाव के प्रति कंपनी को संवेदनशील बनाता है।

वैल्यूएशन और भविष्य की राह

IPO के ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन फाइनेंशियल ईयर 2026 की कमाई के मुकाबले करीब 56.7 गुना है, जिसे कुछ एनालिस्ट प्रीमियम मान रहे हैं। डायग्नोस्टिक सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है, और बाजार में अपनी जगह बनाए रखने के लिए लगातार इनोवेशन ज़रूरी है। निवेशकों को कंपनी की सरकारी अनुबंधों से इतर रेवेन्यू डाइवर्सिफाई करने की क्षमता और नए डायग्नोस्टिक एसेज़ लॉन्च करने की सफलता पर नज़र रखनी चाहिए। माना जा रहा है कि शेयर 17 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.