Molbio Diagnostics IPO: दूसरे दिन ही पूरी तरह भरा IPO, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Molbio Diagnostics IPO: दूसरे दिन ही पूरी तरह भरा IPO, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी

Molbio Diagnostics का ₹940 करोड़ का IPO दूसरे दिन तक पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया है। रिटेल और संस्थागत निवेशकों की अच्छी दिलचस्पी ने इसे सपोर्ट किया है। हालांकि, ग्रे मार्केट में पॉजिटिव डिमांड दिख रही है, पर निवेशकों को संभावित लिस्टिंग गेन के साथ कंपनी के TB टेस्टिंग बिजनेस पर भारी निर्भरता को भी समझना होगा।

IPO की पूरी कहानी

पॉइंट-ऑफ-केयर मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स कंपनी Molbio Diagnostics का ₹940 करोड़ का IPO दूसरे दिन बोली प्रक्रिया में पूरी तरह भर गया। 11 अगस्त 2026 तक, इश्यू को शेयरों की पेशकश से अधिक बोलियां मिलीं, जो हेल्थकेयर कंपनी के पब्लिक डेब्यू के लिए मार्केट की मजबूत मांग का संकेत है।

संस्थागत निवेशकों का भरोसा

IPO खुलने से पहले एंकर निवेशकों ने विश्वास बनाने में अहम भूमिका निभाई। कंपनी ने 33 संस्थागत निवेशकों से ₹281.5 करोड़ जुटाए, जिनमें Goldman Sachs, BlackRock और International Finance Corporation (IFC) जैसे बड़े नाम शामिल थे। HDFC और Kotak Mahindra सहित डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स ने भी हिस्सा लिया, जो कंपनी की विस्तार योजनाओं के लिए संस्थागत समर्थन को दर्शाता है।

फंड का इस्तेमाल

इस पब्लिक इश्यू में ₹200 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹739.7 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। कंपनी फ्रेश इश्यू से ₹105.5 करोड़ का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी Bigtec के जरिए रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के लिए करेगी। वहीं, गोवा और विशाखापत्तनम स्थित अपनी फैक्ट्रियों के लिए नई मैन्युफैक्चरिंग मशीनरी खरीदने हेतु ₹72.2 करोड़ आवंटित किए जाएंगे। बाकी बची पूंजी का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

ग्रे मार्केट और लिस्टिंग की उम्मीद

हालांकि शुरुआती ग्रे मार्केट एक्टिविटी एक संभावित लिस्टिंग प्रीमियम का संकेत दे रही है - जो फिलहाल अपर प्राइस बैंड ₹807 पर 14% से 16% के बीच चल रहा है - निवेशकों को इन आंकड़ों को सट्टा मानना चाहिए। ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक होते हैं और वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन या भविष्य के स्टॉक मूवमेंट की गारंटी नहीं देते।

जोखिम और आगे की राह

निवेश का मूल्यांकन करते समय, बिजनेस स्ट्रक्चर को देखना महत्वपूर्ण है। कंपनी का लगभग 68% रेवेन्यू उसके ट्यूबरकुलोसिस (TB) टेस्टिंग किट से आता है। एक ही बीमारी सेगमेंट पर यह भारी निर्भरता एक कंसंट्रेशन रिस्क पैदा करती है, जिसका मतलब है कि बिजनेस TB टेस्ट की मांग या कीमतों में बदलाव के प्रति संवेदनशील हो सकता है। इसके अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2023 के बाद से अपने डिवाइस और टेस्ट किट की कीमतों में गिरावट का अनुभव किया है, जो कंपनी के बढ़ते मुनाफे पर असर डाल सकती है।

शेयरों की लिस्टिंग 17 अगस्त 2026 को BSE और NSE पर होने की उम्मीद है। भविष्य में, निवेशकों को कंपनी की TB टेस्टिंग से परे अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विविधता लाने की क्षमता और तेजी से प्रतिस्पर्धी डायग्नोस्टिक्स बाजार में मूल्य निर्धारण के दबाव को कैसे प्रबंधित करती है, इस पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.