Moderna के को-फाउंडर Noubar Afeyan ने नई दिल्ली में चल रहे Bloomberg New Economy Forum में साफ कर दिया है कि AI चाहे कितनी भी एडवांस क्यों न हो, यह इंसानी क्लीनिकल ट्रायल्स की जगह नहीं ले सकता। उन्होंने मानव बायोलॉजी की जटिलता को देखते हुए पारंपरिक टेस्टिंग पर जोर दिया है, जो कंपनी के आगामी Phase 3 रिजल्ट्स के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इंसानी बायोलॉजी और AI की सीमाएं
Moderna के को-फाउंडर और चेयरमैन Noubar Afeyan ने दवाइयों की खोज में AI के इस्तेमाल पर संतुलित राय रखी है। उनका मानना है कि मानव शरीर की जटिलता को अभी तक कोई भी डिजिटल एल्गोरिदम पूरी तरह कॉपी नहीं कर पाया है। उन्होंने रिसर्चर्स को सलाह दी है कि लैब या माउस पर सफल परिणाम का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह इंसानों पर भी वैसे ही काम करेगी।
AI का सही उपयोग कहां?
Afeyan ने AI को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उन्होंने बताया कि AI का असली फायदा मरीज़ों के डेटा और मॉलिक्यूलर प्रोफाइल को एनालाइज करने में है, ताकि सही मरीज़ों की पहचान हो सके। इससे रिसर्च का समय और पैसा दोनों बच सकते हैं। साथ ही, कैंसर स्क्रीनिंग के क्षेत्र में भी AI बेहतर नतीजे दे सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी और आगे के इवेंट्स
यह बयान ऐसे समय आया है जब निवेशकों की नजरें Moderna के R&D पाइपलाइन पर टिकी हैं। कंपनी 24 अक्टूबर, 2026 को मेलेनोमा (melanoma) के Phase 3 नतीजे पेश करने वाली है, जो स्टॉक में बड़ी हलचल पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, 6 नवंबर, 2026 को कंपनी के थर्ड-क्वार्टर फाइनेंशियल रिजल्ट्स भी आने हैं।
फाइनेंशियल फ्रंट पर, कंपनी अभी भी नेट लॉस में है और हाई कैश बर्न झेल रही है। हालांकि, कंपनी के पास करीब $5.14 बिलियन का कैश और निवेश मौजूद है, जो उसकी लिक्विडिटी बनाए रखने में मदद कर रहा है। हाल ही में कंपनी को Nasdaq-100 Index में भी शामिल किया गया है।
