Moderna और Merck ने अपनी पर्सनल कैंसर वैक्सीन (intismeran autogene) के फेज 3 ट्रायल के पॉजिटिव नतीजे जारी किए हैं। मेलानोमा के इलाज में Keytruda के साथ इस्तेमाल होने वाली इस वैक्सीन ने ट्रायल के मुख्य लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। इस खबर के आते ही Moderna के शेयरों में करीब **177%** का उछाल आया, जबकि Merck के शेयरों में **10%** से ज्यादा की तेजी देखी गई।
शेयर बाजार में तूफानी तेजी
19 अगस्त 2026 को Moderna और Merck & Co. के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। वजह रही उनकी पर्सनल कैंसर वैक्सीन के लेट-स्टेज क्लिनिकल ट्रायल के शुरुआती नतीजों का ऐलान। INTerpath-001 नाम के इस फेज 3 स्टडी में, मेलानोमा (melanoma) के मरीजों में Merck की स्थापित इम्यूनोथेरेपी दवा Keytruda के साथ इस एक्सपेरिमेंटल वैक्सीन (intismeran autogene) का मूल्यांकन किया गया।
क्या है ट्रायल के नतीजे?
इस ऐलान के बाद, Moderna का स्टॉक प्राइस करीब 177% चढ़ गया, वहीं Merck के शेयर 10% से ज्यादा बढ़े। बाजार की यह मजबूत प्रतिक्रिया, कैंसर के इलाज में mRNA टेक्नोलॉजी की क्षमता को दर्शाती है, जो अब पर्सनल मेडिसिन की ओर बढ़ रही है।
यह ट्रायल उन मरीजों पर केंद्रित था जिनका मेलानोमा ट्यूमर सर्जरी द्वारा हटाया गया था। स्टडी ने Recurrence-Free Survival के अपने प्राइमरी गोल को सफलतापूर्वक हासिल किया। इसका मतलब है कि सिर्फ Keytruda लेने वाले मरीजों की तुलना में, इस कॉम्बिनेशन थेरेपी से इलाज कराने वाले मरीजों की एक बड़ी संख्या कैंसर-मुक्त रही। साथ ही, कैंसर के शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने जैसे अहम सेकेंडरी गोल्स भी पूरे हुए। कंपनियों ने इस इंटरिम एनालिसिस के दौरान किसी भी नई सुरक्षा चिंता की रिपोर्ट नहीं की है।
आगे क्या है?
ये दोनों कंपनियां इस थेरेपी को विकसित करने और कमर्शियलाइज करने के लिए 50/50 पार्टनरशिप में काम कर रही हैं। पारंपरिक कीमोथेरेपी के विपरीत, जो स्वस्थ और कैंसर सेल्स दोनों को प्रभावित करती है, यह पर्सनल वैक्सीन मरीज की इम्यून सिस्टम को ट्रेन करने के लिए डिज़ाइन की गई है ताकि वह ट्यूमर की खास म्यूटेशन्स को पहचान कर उन पर हमला कर सके।
हालांकि मेलानोमा में नतीजे एक बड़ा डेवलपमेंट हैं, लेकिन निवेशकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों पर नजर रखना जरूरी है। सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस है। चूंकि वैक्सीन हर मरीज के लिए पर्सनलाइज्ड होती है, इसे बड़े पैमाने पर बनाना एक जटिल और समय लेने वाला काम है। इसके अलावा, मेलानोमा में सफलता अन्य कैंसर प्रकारों में भी ऐसे ही नतीजे देगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। कंपनियां वर्तमान में फेफड़े, मूत्राशय और किडनी जैसे कई अन्य कैंसर के लिए इस वैक्सीन पर स्टडीज कर रही हैं।
निवेशकों के लिए अगले बड़े अपडेट्स मेडिकल मीटिंग्स में ट्रायल डेटा की विस्तृत प्रस्तुति और संभावित अप्रूवल्स के संबंध में ग्लोबल रेगुलेटरी अथॉरिटीज के साथ औपचारिक जुड़ाव से आएंगे। आने वाले समय में, कंपनियों की व्यापक ट्रायल्स में इन नतीजों को बनाए रखने की क्षमता और उनकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने की काबिलियत महत्वपूर्ण साबित होगी।
