Moderna और Merck के शेयरों में आज कमजोरी देखी गई। कंपनी की मेलानोमा वैक्सीन के ट्रायल नतीजों ने निवेशकों की उम्मीदों को तोड़ दिया है, क्योंकि ये आंकड़े पुराने डेटा के मुकाबले कम प्रभावशाली रहे।
उम्मीद से कम रहे नतीजे
Moderna और Merck के लिए लेटेस्ट ट्रायल के नतीजे उस तरह के उत्साह का संचार नहीं कर पाए जैसा मार्केट को था। ट्रायल में mRNA-आधारित वैक्सीन और Keytruda के मिश्रण ने कैंसर के दोबारा होने के खतरे को 42% तक कम किया, वहीं कैंसर के शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने के जोखिम में 38% की कमी दर्ज की गई।
निवेशक इससे कहीं बेहतर नतीजों की उम्मीद कर रहे थे, क्योंकि पिछले एक छोटे ट्रायल में यह आंकड़ा क्रमशः 49% और 59% रहा था। डेटा में यह गिरावट निवेशकों के भरोसे को कम कर गई, जिसके चलते दोनों कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
Moderna की तकनीक पर बड़ा दांव
Moderna के लिए यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि उसके भविष्य की अग्निपरीक्षा है। कंपनी यह साबित करने में जुटी है कि उसकी mRNA टेक्नोलॉजी कोविड वैक्सीन से आगे बढ़कर कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज में भी कारगर है। अगर ये नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहते, तो भविष्य के रेवेन्यू मॉडल को लेकर मार्केट की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
Merck की रणनीति
वहीं, Merck अपनी दिग्गज ड्रग 'Keytruda' की बाजार में पकड़ बनाए रखने के लिए इस वैक्सीन पर काफी भरोसा जता रही है। फिलहाल, मौजूदा डेटा उस 'बड़ा ब्रेकथ्रू' जैसा नहीं लग रहा है, जिसकी उम्मीद में निवेशकों ने कंपनियों के वैल्यूएशन को बहुत ऊपर पहुँचा रखा था। अब निवेशकों की नजरें भविष्य के अन्य ट्रायल्स पर टिकी होंगी, जो यह तय करेंगे कि क्या यह साझेदारी आगे चलकर बड़ी कमर्शियल सफलता में बदल पाएगी या नहीं।
