Microsoft ने अपना नया AI सिस्टम MAI-DxO पेश किया है, जिसने जटिल मेडिकल डायग्नोस्टिक्स में **83%** सटीकता हासिल की है। यह सिस्टम इंसानी डॉक्टरों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
Microsoft ने एक नया डायग्नोस्टिक फ्रेमवर्क MAI-DxO पेश किया है, जो AI को केवल एक रिसर्च टूल से बदलकर क्लीनिकल निर्णय लेने में सक्षम 'असिस्टेंट' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। साइंस जर्नल में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, इस सिस्टम ने जटिल मेडिकल मामलों में 83% सटीकता हासिल की है, जबकि सामान्य डॉक्टरों की सटीकता दर 36% रही है।\n\n### क्लिनिकल प्रैक्टिस की ओर कदम\nअब माइक्रोसॉफ्ट इसे कंट्रोल टेस्ट से निकालकर असल अस्पताल के वार्डों में आज़माने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने Mayo Clinic और Beth Israel Deaconess Medical Center के साथ साझेदारी की है। इन ट्रायल के जरिए AI को इमरजेंसी और अर्जेंट केयर सेटिंग्स में डॉक्टरों के साथ काम करते हुए देखा जाएगा, जिससे इसकी विश्वसनीयता को परखा जा सके।\n\n### हेल्थकेयर SaaS की ओर स्ट्रैटेजिक शिफ्ट\nMicrosoft की इस पहल का उद्देश्य 2027 तक 'मेडिकल सुपरइंटेलिजेंस' का निर्माण करना है। कंपनी अपनी Azure क्लाउड इकोसिस्टम के जरिए अस्पतालों को हाई-वैल्यू AI सेवाएं देने की तैयारी में है। GPT-5 और GPT-5.5 जैसे मॉडल्स का उपयोग करके कंपनी अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।\n\n### निवेश और जोखिम (Investor Caution)\nनिवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि हेल्थकेयर मार्केट साधारण सॉफ्टवेयर मार्केट से बहुत अलग है। इसे FDA जैसे रेगुलेटर्स की कड़ी निगरानी का सामना करना पड़ेगा। अगर AI गलत डायग्नोसिस देता है, तो कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी का सवाल अभी भी अनसुलझा है। फिलहाल, यह तकनीक केवल डॉक्टरों की मदद के लिए है, न कि उनका विकल्प, इसलिए 2027 का लक्ष्य शेयरधारकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा।
