📈 फाइनेंसियल रिजल्ट्स का पूरा लेखा-जोखा
Metropolis Healthcare Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (जो 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई) के नतीजे पेश किए हैं। स्टैंडअलोन रेवेन्यू ऑपरेशन से 61.8% बढ़कर ₹334.78 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹206.88 करोड़ था। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी 25.8% की अच्छी बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹405.91 करोड़ रहा।
हालांकि, प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) मिली-जुली तस्वीर पेश कर रही है। स्टैंडअलोन बेसिस पर, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 15.2% बढ़कर ₹42.32 करोड़ रहा, लेकिन PBT मार्जिन पिछले साल की Q3 FY25 के 17.7% से घटकर 12.6% पर आ गया। इसमें नए लेबर कोड से जुड़े ₹7.96 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम्स का असर भी शामिल था। वहीं, कंसोलिडेटेड PBT में 35.0% की उछाल के साथ यह ₹57.16 करोड़ पर पहुंच गया, और मार्जिन 13.1% से सुधरकर 14.1% हो गया। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 33.7% बढ़कर ₹42.09 करोड़ दर्ज किया गया।
बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी बढ़ोतरी हुई है। स्टैंडअलोन EPS ₹5.35 से बढ़कर ₹6.18 हो गया, जबकि कंसोलिडेटेड EPS ₹6.12 से बढ़कर ₹7.99 हो गया।
🚩 जोखिम और आगे की राह
निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता इनकम टैक्स का लंबित विवाद है। Metropolis Healthcare पर 2014-15 से 2023-24 के असेसमेंट इयर्स के लिए ₹73.06 करोड़ की इनकम टैक्स डिमांड के एवज में ₹19.64 करोड़ का प्रोविजन (Provision) है। हालांकि कुछ डिमांड्स कम हुई हैं, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने AY 2018-19 से AY 2023-24 के लिए ITAT, मुंबई के सामने अपील दायर की है, जो स्टॉक पर दबाव बना सकती है।
कंपनी ने शेयरधारकों को पुरस्कृत करने के उद्देश्य से 3:1 के रेशियो में एक बड़े बोनस इक्विटी शेयर इश्यू को भी मंजूरी दी है। इसके अलावा, बोर्ड ने अपनी व्हॉली-ओनड सब्सिडियरी Metropolis Quality Solutions Private Limited (MQSPL) को एक्सटर्नल क्वालिटी असेसमेंट सर्विसेज (EQAS) डिवीजन को ₹1.25 करोड़ तक के नॉमिनल कंसीडरेशन पर स्लम सेल (Slump Sale) के जरिए बेचने की मंजूरी दे दी है।
खास बात यह है कि कंपनी के मैनेजमेंट की ओर से भविष्य के प्रदर्शन को लेकर कोई फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस (Forward-looking Guidance) जारी नहीं किया गया है। ऐसे में, निवेशकों को मौजूदा ट्रेंड्स और मार्केट कंडीशंस के आधार पर ही आगे का अनुमान लगाना होगा। गाइडेंस की कमी, स्टैंडअलोन मार्जिन में नरमी और टैक्स मुकदमेबाजी को देखते हुए, निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।
