📉 Medi-Caps के नतीजे: नंबर्स में उलझे निवेशक!
Medi-Caps Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों (9M FY26) के अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी किए हैं, जिसमें स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस तो मजबूत दिखी, लेकिन कंसोलिडेटेड फिगर्स में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस: ग्रोथ की रफ्तार जारी
कंपनी ने स्टैंडअलोन बेसिस पर शानदार नतीजे पेश किए हैं। Q3 FY26 में, कंपनी का रेवेन्यू ऑफ ऑपरेशंस ₹77.28 लाख रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹26.04 लाख की तुलना में 197% ज्यादा है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में भी 7.6% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹28.50 लाख रहा, वहीं बेसिक ईपीएस ₹0.23 तक पहुंच गया।
नौ महीनों (9M FY26) के लिए भी स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 16% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹177.06 लाख दर्ज किया गया। सबसे बड़ी बात, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹15.10 लाख के नेट लॉस से सुधरकर ₹17.42 लाख के प्रॉफिट में आ गया है।
कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस: मुनाफे में वापसी, पर EPS पर सवाल?
कंसोलिडेटेड लेवल पर Medi-Caps ने नेट लॉस से प्रॉफिट में शानदार वापसी की है। Q3 FY26 में, कंपनी ने ₹76.53 लाख का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹204.50 लाख के नेट लॉस से कहीं बेहतर है। इस टर्नअराउंड में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 5.8% की बढ़ोतरी (₹425.31 लाख) और 'अदर इनकम' में ₹75.91 लाख की भारी उछाल का बड़ा योगदान रहा।
गड़बड़ी कहां है? EPS पर उठा सवाल
हालांकि, इन नंबर्स के बीच एक बड़ी और चिंताजनक विसंगति सामने आई है। कंपनी ने Q3 FY26 और 9M FY26 दोनों के लिए ₹76.53 लाख का पॉजिटिव कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दिखाया है, लेकिन इसके साथ ही कंसोलिडेटेड बेसिक ईपीएस ₹-0.61 (Q3 FY26) और ₹-4.88 (9M FY26) दर्ज किया गया है।
यह एक बड़ा विरोधाभास है कि नेट प्रॉफिट पॉजिटिव होने के बावजूद ईपीएस नेगेटिव है। इस रिपोर्टिंग एनोमली (anomaly) पर मैनेजमेंट से तुरंत स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है, क्योंकि यह कंपनी के वित्तीय रिपोर्टिंग की सटीकता और कंसोलिडेटेड आय की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
खतरे की घंटी: रेवेन्यू में गिरावट और 'अदर इनकम' पर निर्भरता
9M FY26 के कंसोलिडेटेड नतीजों में, कंपनी का रेवेन्यू ऑफ ऑपरेशंस ₹897.40 लाख रहा, जो कि एक साल पहले की समान अवधि से 51.5% कम है। प्रॉफिट में सुधार काफी हद तक 'अदर इनकम' में तीन गुना से अधिक की बढ़ोतरी के कारण हुआ है, जो यह दर्शाता है कि कोर ऑपरेटिंग बिजनेस कंसोलिडेटेड लेवल पर दबाव में है।
आगे का रास्ता और जोखिम
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट और ईपीएस के बीच इस अनसुलझे अंतर में है। यह अकाउंटिंग में गलतियों, रिपोर्टिंग मानकों की गलत व्याख्या, या जानबूझकर किए गए भ्रामक तरीके का संकेत दे सकता है, जो निवेशकों के भरोसे को तोड़ सकता है। 'अदर इनकम' पर इतनी ज्यादा निर्भरता भी भविष्य में स्थिरता के लिए बड़ा जोखिम है।
फिलहाल, कंपनी की ओर से आगे के लिए कोई गाइडेंस, बैलेंस शीट डिटेल्स या कैश फ्लो की जानकारी नहीं दी गई है, जिससे भविष्य की तस्वीर अनिश्चित बनी हुई है। निवेशक ईपीएस विसंगति पर तत्काल स्पष्टीकरण और गिरते कंसोलिडेटेड रेवेन्यू को संभालने तथा ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी को बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट रणनीति का इंतजार कर रहे हैं।