📉 नतीजों का पूरा हिसाब-किताब
Global Health Limited, जो Medanta के नाम से जानी जाती है, ने Q3 FY26 में अपनी टॉप-लाइन में तगड़ी 19.1% की ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी की कुल आय ₹11,428 मिलियन तक पहुंच गई। वहीं, पिछले नौ महीनों (9M FY26) में, कुल आय 17.6% YoY बढ़कर ₹33,131 मिलियन रही।
लेकिन, मुनाफे पर थोड़ी मार पड़ी है। कंपनी का रिपोर्टेड EBITDA इस तिमाही में 1.7% YoY घटकर ₹2,494 मिलियन रहा, जिससे मार्जिन 21.8% पर आ गया। इसका मुख्य कारण हाल ही में शुरू हुई नोएडा फैसिलिटी है, जिसने ₹343 मिलियन के रेवेन्यू पर ₹320 मिलियन का EBITDA लॉस दर्ज किया। अगर नोएडा को हटा दें, तो EBITDA (एक्स-नोएडा) में 10.9% YoY की मजबूत ग्रोथ देखने को मिली और यह ₹2,814 मिलियन पर पहुंच गया, जिसमें मार्जिन 25.4% रहा। 9M FY26 के लिए, EBITDA (एक्स-नोएडा) में 8.0% YoY की ग्रोथ दर्ज की गई।
रिपोर्टेड PAT (Profit After Tax) में 33.5% YoY की भारी गिरावट आई और यह Q3 FY26 में ₹950 मिलियन पर आ गया। इस गिरावट की वजह नोएडा अस्पताल की डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट के साथ-साथ नए लेबर लॉज़ के स्टैच्यूटरी इम्पैक्ट से जुड़ा ₹366 मिलियन का एक एक्सेप्शनल आइटम रहा। इन सब को हटाने के बाद, एडजस्टेड PAT ₹1,224 मिलियन रहा।
ऑपरेशनल लेवल पर, डिमांड काफी मज़बूत है। इन-पेशेंट वॉल्यूम 14.3% YoY और आउट-पेशेंट वॉल्यूम 19.5% YoY बढ़ा। वहीं, एवरेज रेवेन्यू पर ऑक्यूपाइड बेड (ARPOB) 9.9% YoY बढ़कर ₹67,361 हो गया। कंपनी ने इस तिमाही में 144 नए बेड जोड़े, जिससे नेटवर्क कैपेसिटी बढ़ी है।
🚩 रिस्क और आगे की राह
Medanta आक्रामक विस्तार की रणनीति पर चल रही है। कंपनी दिल्ली (पीतमपुरा, साउथ दिल्ली), मुंबई (ओशिवारा) और गुवाहाटी में नए हॉस्पिटल खोल रही है, साथ ही गुरुग्राम में मेडिकल कॉलेज की भी योजना है। इस बड़े ग्रोथ प्लान के लिए अगले पांच सालों में ₹39,013 मिलियन से ज़्यादा का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) प्लान किया गया है।
यह लॉन्ग-टर्म में कंपनी के लिए बड़ी संभावनाएं पैदा करता है, लेकिन कुछ तत्काल जोखिम भी हैं। एक साथ कई प्रोजेक्ट्स को मैनेज करना, नोएडा जैसी नई फैसिलिटीज़ के शुरुआती ऑपरेटिंग लॉसेज से वित्तीय दबाव और ओवरऑल मार्जिन पर पड़ने वाला असर, ये कुछ ऐसी चीज़ें हैं जिन पर निवेशकों को नज़र रखनी होगी। कंपनी के लिए अब यह देखना अहम होगा कि वह इन नए वेंचर्स को कितनी जल्दी रफ़्तार देती है और अपने डेट या इक्विटी स्ट्रक्चर को मैनेज करते हुए प्रॉफिटेबिलिटी को कैसे सामान्य बनाए रखती है।
