US की बड़ी हेल्थकेयर कंपनी McKesson के सिस्टम में बड़ी सेंध लगी है। 'ShinyHunters' नाम के हैकर ग्रुप ने दावा किया है कि उन्होंने **28.4 करोड़** पेशेंट रिकॉर्ड्स चुरा लिए हैं और **$5.52 करोड़** (करीब ₹460 करोड़) की फिरौती मांगी है।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका की प्रमुख फार्मा और मेडिकल सप्लाई डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी McKesson के लिए मुसीबतें बढ़ गई हैं। कंपनी ने खुलासा किया है कि 25 अगस्त, 2026 को उन्हें एक साइबर सिक्योरिटी इंसिडेंट का पता चला। कंपनी के 'Oncology & Multispecialty' और 'Medical-Surgical' बिजनेस यूनिट्स के क्लाउड एप्लिकेशन को निशाना बनाया गया है।
हैकर्स का दावा और डिमांड
इस हमले की जिम्मेदारी 'ShinyHunters' नामक हैकर ग्रुप ने ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकर्स ने वॉइस-फिशिंग (Vishing) के जरिए कंपनी के कर्मचारियों के क्रेडेंशियल्स हासिल किए और फिर Okta, Salesforce और Snowflake एनवायरनमेंट तक पहुंच बना ली। हैकर्स का दावा है कि उन्होंने करीब 1 टेराबाइट डेटा चोरी किया है, जिसमें 28.4 करोड़ पेशेंट रिकॉर्ड्स शामिल हैं। वे इस डेटा को लीक न करने के बदले $5.52 करोड़ की फिरौती मांग रहे हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम
McKesson ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि इस हमले का फाइनेंशियल और ऑपरेशनल असर कितना 'मटेरियल' होगा। फिलहाल कंपनी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर डेटा नुकसान का आकलन कर रही है। हालांकि, इस तरह के बड़े साइबर अटैक से भारी लीगल जुर्माना, फॉरेंसिक जांच का खर्च और भविष्य में क्लास-एक्शन मुकदमे झेलने का रिस्क बना रहता है।
चूंकि McKesson न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड है, इसलिए भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए इसका सीधा असर सीमित है। लेकिन यह घटना हेल्थकेयर सेक्टर की डिजिटल सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करती है, जिस पर निवेशकों को नजर रखने की जरूरत है।
