Max Healthcare Institute ने अगले तीन सालों में अपनी बेड संख्या को 10,000 तक पहुँचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसके लिए कंपनी **₹6,200 करोड़** का भारी-भरकम निवेश करेगी, जिससे टियर-1 शहरों में मेडिकल डिमांड को पूरा किया जा सके।
आक्रामक विस्तार की रणनीति
Max Healthcare अपनी क्षमता को तेजी से बढ़ा रही है। हाल ही में, दिल्ली के साकेत स्थित Max Smart Super Speciality Hospital में एक नया 400-बेड वाला टावर शुरू किया गया है, जिससे वहां कुल कैपेसिटी 1,200 बेड्स के करीब पहुँच गई है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अभय सोई (Abhay Soi) के नेतृत्व में यह विस्तार कंपनी की भविष्य की ग्रोथ का आधार बनेगा।
मेडिकल टूरिज्म और टियर-1 पर दांव
जहाँ अधिकांश कंपनियां छोटे शहरों की ओर रुख कर रही हैं, वहीं Max Healthcare बड़े शहरों (Tier-1 cities) की अनसुलझी मेडिकल डिमांड पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी के रेवेन्यू में मेडिकल टूरिज्म का योगदान 9% है और यह सालाना 40,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मरीजों का इलाज कर रही है। भारत में विश्वस्तरीय इलाज की कम लागत इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इतने बड़े निवेश के दौर में निवेशकों की नजर कंपनी के बैलेंस शीट पर बनी रहेगी। हालांकि फंड्स मुख्य रूप से इंटरनल अक्रूअल (Internal Accruals) से जुटाए जाएंगे, लेकिन फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी पर ₹2,384 करोड़ का नेट डेट (Net Debt) था। अब देखना यह होगा कि कंपनी कितनी तेजी से इन नए प्रोजेक्ट्स को पूरा करती है और शुरुआती खर्चों के बावजूद अपने मार्जिन (Profit Margin) को कैसे बरकरार रखती है।
