Max Healthcare Share Price: ICICI Securities ने बढ़ाया टारगेट, ₹1,275 तक जा सकता है शेयर!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Max Healthcare Share Price: ICICI Securities ने बढ़ाया टारगेट, ₹1,275 तक जा सकता है शेयर!

Max Healthcare के निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। ICICI Securities ने इस हॉस्पिटल चेन के लिए अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹1,275** कर दिया है। कंपनी की पहली तिमाही (Q1) की कमाई में **16.7%** की ग्रोथ देखी गई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने Max Healthcare Institute पर 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹1,275 का नया टारगेट सेट किया है। ब्रोकरेज हाउस का यह फैसला कंपनी के 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के शानदार नतीजों के बाद आया है, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 16.7% बढ़कर ₹2,366 करोड़ हो गया। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अपने हॉस्पिटल्स में बेड की क्षमता बढ़ाने और प्रति मरीज औसत कमाई (Average Earnings Per Patient) को बेहतर बनाने पर लगातार फोकस कर रही है।

विस्तार की है बड़ी योजना

Max Healthcare अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है। जून 2026 तक कंपनी के पास 5,379 ऑपरेशनल बेड हैं और मैनेजमेंट का लक्ष्य 2030 फाइनेंशियल ईयर तक इसे बढ़ाकर 10,000 बेड तक पहुंचाना है। हाल ही में मई 2026 में, कंपनी ने कलिगा हॉस्पिटल (Kalinga Hospital) में 58.28% हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी किया है, जिससे कंपनी को नए इलाकों में अपनी पैठ मजबूत करने में मदद मिलेगी।

सामने हैं कुछ चुनौतियां

हालांकि, कंपनी के विकास के रास्ते में कुछ बाधाएं भी हैं। सबसे बड़ी चुनौती कुछ खास कीमोथेरेपी दवाओं की सप्लाई बंद होना है, जो पहले इंस्टीट्यूशनल ग्राहकों को दी जाती थीं। इससे कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ा है। इस कमी को पूरा करने के लिए, कंपनी इंश्योरेंस वाले मरीजों के लिए कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है और सरकारी रीइम्बर्समेंट स्कीम का भी फायदा उठा रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इस तिमाही के अंत तक (Q3) इस निगेटिव असर का प्रभाव कम हो जाएगा।

कर्ज और मार्जिन पर नजर

लगातार विस्तार योजनाओं से कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर भी असर पड़ रहा है। 30 जून 2026 तक कंपनी का नेट डेट बढ़कर ₹2,384 करोड़ हो गया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के अंत में ₹1,908 करोड़ था। नए अधिग्रहणों से जुड़ी लागतें और नए हॉस्पिटल्स को शुरू करने की प्रक्रिया में भी खर्च बढ़ रहा है। इन सब वजहों से ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन पर भी थोड़ा दबाव देखने को मिला है, जो इस तिमाही में 24.8% रहा।

ब्रोकरेज अभी भी लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल को लेकर पॉजिटिव है, लेकिन डेप्रिसिएशन (Depreciation) बढ़ने, फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) में इजाफा और नए हॉस्पिटल्स को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करने की जरूरत को देखते हुए, कंपनी के एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखनी होगी। आने वाली तिमाहियों में, कंपनी के लिए यह देखना अहम होगा कि वह अपने कर्ज को कैसे मैनेज करती है और भारी कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) के इस दौर में प्रॉफिट मार्जिन को कैसे स्थिर रखती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.