Max Healthcare: रेवेन्यू **9%** बढ़ा, पर मार्जिन पर दबाव, ऑक्यूपेंसी गिरी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Max Healthcare: रेवेन्यू **9%** बढ़ा, पर मार्जिन पर दबाव, ऑक्यूपेंसी गिरी
Overview

Max Healthcare Institute ने Q3FY26 में मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल **9%** बढ़कर **₹2,484 करोड़** हो गया, जिसमें ऑक्यूपाइड बेड पर औसत रेवेन्यू (ARPOB) में **3%** की वृद्धि ने सहारा दिया। हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले प्रदर्शन कमजोर रहा, जहां ऑक्यूपेंसी घटकर **74%** रह गई और EBITDA मार्जिन अस्थायी रुकावटों व रेगुलेटरी कारणों से घटकर **25.5%** पर आ गया।

साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ और ARPOB में उछाल

Max Healthcare Institute के तीसरी तिमाही के नतीजों में एक मिली-जुली तस्वीर दिखी। जहाँ एक तरफ टॉप-लाइन ग्रोथ (top-line growth) मजबूत रही, वहीं दूसरी तरफ ऑपरेटिंग मेट्रिक्स (operating metrics) में कुछ नरमी देखी गई। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) 9% बढ़कर ₹2,484 करोड़ पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से ऑक्यूपाइड बेड पर औसत रेवेन्यू (ARPOB) में 3% की वृद्धि के कारण हुई, जो बढ़कर ₹77,900 हो गया।

पिछली तिमाही के मुकाबले कमजोरी, ऑक्यूपेंसी और मार्जिन पर असर

पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी के लिए हालात थोड़े चुनौतीपूर्ण रहे। रेवेन्यू पिछली तिमाही के ₹2,580 करोड़ से कम रहा। EBITDA में भी गिरावट आई, जो ₹694 करोड़ से नीचे चला गया, और नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो ₹554 करोड़ से काफी कम रहा। ऑक्यूपेंसी रेट घटकर 74% पर आ गए, जो पिछली तिमाही के 77% और पिछले साल की इसी अवधि के 75% से कम है। ऑक्यूपेंसी में आई यह नरमी और EBITDA मार्जिन का 25.5% पर आना (पिछली तिमाही में 26.4% था), यह दर्शाता है कि कंपनी कुछ दबावों का सामना कर रही है।

परिचालन और नियामक चुनौतियाँ

कंपनी के अधिकारियों ने प्रदर्शन में आई इस गिरावट के लिए कई कारणों को जिम्मेदार ठहराया है। कैशलेस ट्रांजैक्शन्स में अस्थायी रुकावटें और कम री-इंबर्समेंट वाले सरकारी PSU (Public Sector Undertaking) मरीजों का बढ़ा हुआ अनुपात रेवेन्यू पर असर डालने वाले मुख्य कारण रहे। कुछ पेटेंटेड कीमोथेरेपी दवाओं का बंद होना भी एक वजह बना। इसके अलावा, CGHS (Central Government Health Scheme) टैरिफ Hike का पूरा असर अप्रैल 2026 तक आने की उम्मीद नहीं है, जिससे मार्जिन रिकवरी में देरी हो सकती है।

सहायक व्यवसायों की मजबूती और विस्तार की योजनाएं

इन दबावों के बावजूद, कंपनी के सहायक व्यवसाय (ancillary businesses) ने मजबूती दिखाई है। Max@Home का रेवेन्यू साल-दर-साल 23% बढ़ा, और Max Lab में 13% की वृद्धि देखी गई। अंतरराष्ट्रीय मरीजों (international patients) से मिलने वाला रेवेन्यू भी 14% YoY बढ़ा, जिसने कुल हॉस्पिटल रेवेन्यू में 9% का योगदान दिया। कंपनी ने अपने ऑपरेशनल बेड की संख्या बढ़ाकर 4,853 कर ली है, जो पिछले साल के मुकाबले 387 बेड ज्यादा हैं। इस तिमाही में ₹408 करोड़ का महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय (capital expenditure) भी किया गया। भविष्य की ग्रोथ के लिए कंपनी पुणे में लगभग 450 बेड वाले अस्पताल के रणनीतिक अधिग्रहण (strategic acquisition) और मोहाली व ननावती मैक्स जैसे कई स्थानों पर ब्राउनफील्ड विस्तार (brownfield expansions) पर काम कर रही है।

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