हेल्थकेयर कंपनी Marengo Asia Hospitals ने अपने विस्तार के लिए LeapFrog Investments से **₹400 करोड़** की भारी फंडिंग जुटाई है। कंपनी का लक्ष्य अगले **2** साल में अपनी बेड क्षमता को बढ़ाकर **4,000** करना है।
आक्रामक विस्तार की तैयारी
Marengo Asia Hospitals ने इस नई फंडिंग का उपयोग टियर-1 और टियर-2 शहरों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए करने का फैसला किया है। साल 2021 में शुरुआत करने के बाद से ही कंपनी ने काफी आक्रामक रुख अपनाया है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी ने ₹1,200 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो इसके तेजी से बढ़ते बिजनेस मॉडल को दर्शाता है।
क्या है 'Buy-and-Build' मॉडल?
कंपनी के फाउंडर Raajiv Singhal इस बिजनेस में नए अस्पताल बनाने (Greenfield projects) के बजाय मौजूदा अस्पतालों को खरीदने और उन्हें अपग्रेड करने की रणनीति अपनाते हैं। इस निवेश दौर में Samara Capital के साथ-साथ Godrej और Havells के फैमिली ऑफिसों ने भी अपना भरोसा जताया है।
सेक्टर के सामने चुनौतियां
हालांकि कंपनी का विस्तार प्लान बड़ा है, लेकिन अस्पताल सेक्टर में 'ऑपरेशनल रिस्क' हमेशा बना रहता है। इस मॉडल की सफलता इस बात पर टिकी है कि कंपनी खरीदी गई यूनिट्स को कितनी कुशलता से इंटीग्रेट करती है। यदि नए अस्पतालों को मुनाफे में लाने में देरी होती है, तो यह कैश-फ्लो और कर्ज (Debt) के बोझ को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, भारतीय हेल्थकेयर मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण सही एसेट का चुनाव करना और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
