भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट हॉस्पिटल चेन में से एक, Manipal Health Enterprises का ₹9,275 करोड़ का IPO आज, 29 जुलाई 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। यह इश्यू 31 जुलाई तक खुला रहेगा।
IPO का पूरा लेखा-जोखा
Manipal Health Enterprises ने आज अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) जारी कर दिया है। इस इश्यू के ज़रिए कंपनी कुल ₹9,275 करोड़ जुटाएगी। इसमें ₹8,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,275 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। लिस्टिंग के बाद, कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹77,606 करोड़ होने का अनुमान है।
कर्ज़ घटाने पर बड़ा फोकस
इन्वेस्टर्स की नज़र कंपनी के भारी कर्ज़ पर है। 31 मार्च 2026 तक, Manipal Health पर ₹10,230 करोड़ का नेट डेट था, जो कि नेट डेट-टू-EBITDA के 3.9 गुना के बराबर है। इस कर्ज़ का एक बड़ा हिस्सा अक्टूबर 2025 में ₹5,000 करोड़ में Sahyadri Hospitals के अधिग्रहण के चलते आया है। कंपनी IPO से जुटाए गए पैसों में से लगभग ₹5,500 करोड़ का इस्तेमाल मौजूदा कर्ज़ चुकाने के लिए करेगी। यह कदम कंपनी की वित्तीय फ्लेक्सिबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
वित्तीय प्रदर्शन और वैल्यूएशन
वित्तीय वर्ष 2026 में, Manipal Health का रेवेन्यू ₹10,335 करोड़ रहा। पिछले तीन सालों में कंपनी का रेवेन्यू और प्रॉफिट सालाना 29% और 31% की CAGR से बढ़ा है। EBITDA मार्जिन लगातार 25% से 27% के बीच रहा है। वर्तमान वैल्यूएशन पर, कंपनी का एंटरप्राइज वैल्यू टू EBITDA (EV/EBITDA) मल्टीपल 31 गुना है, जो कि इंडस्ट्री के बड़े खिलाड़ी Apollo Hospitals के 35 गुना के मल्टीपल से थोड़ा कम है।
भविष्य की योजनाएं
Manipal Health अपनी बेड कैपेसिटी को मार्च 2026 के 13,037 बेड से बढ़ाकर FY30 तक 15,463 करने की योजना बना रही है। हालांकि, यह Apollo और Medanta जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में धीमी गति है। कंपनी जटिल प्रोसीजर जैसे कार्डियक, ऑन्कोलॉजी और न्यूरोसाइंसेज पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो अब उसके काम का 64% हिस्सा हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी कर्ज़ कम करने, मार्जिन बनाए रखने और नई टेक्नोलॉजी को अपनाने में कितनी सफल होती है।
