Maharashtra FDA का बड़ा एक्शन: मेडिकल सप्लाई पर **2,800%** तक का मुनाफा, अब कंपनियों की बढ़ेगी मुश्किलें

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Maharashtra FDA का बड़ा एक्शन: मेडिकल सप्लाई पर **2,800%** तक का मुनाफा, अब कंपनियों की बढ़ेगी मुश्किलें

महाराष्ट्र FDA ने अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले मेडिकल सामानों पर भारी भरकम मार्कअप पकड़ा है। कुछ सामान तो खरीद मूल्य से **3,000%** महंगे बेचे जा रहे थे। अब रेगुलेटर ने NPPA से सख्त प्राइस कंट्रोल की मांग की है, जिससे मेडिकल डिवाइस कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने हेल्थकेयर सेक्टर में चल रहे खेल का पर्दाफाश किया है। कमिश्नर तुकाराम मुंधे ने खुलासा किया कि IV इन्फ्यूजन सेट, कैथेटर और सिरिंज जैसी जरूरी चीजें खरीद भाव से 2,841% तक महंगे दाम पर मरीजों को बेची जा रही हैं।

क्या है रेगुलेटरी रिस्क?

ज्यादातर जीवन रक्षक दवाएं तो 'Drugs (Prices Control) Order 2013' के दायरे में आती हैं, लेकिन मेडिकल डिवाइसेज पर फिलहाल वैसी सख्ती नहीं है। इसी खामी का फायदा उठाकर कंपनियां और डिस्ट्रीब्यूटर्स मनमाना MRP तय करते हैं। अब महाराष्ट्र FDA ने डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स और NPPA से इस पर तुरंत लगाम लगाने की गुहार लगाई है।

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

अगर सरकार इन मेडिकल कंज्यूमेबल्स पर ट्रेड मार्जिन कैप (Trade Margin Caps) लागू करती है, तो यह सेक्टर के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर होगा। अब तक मेडिकल डिवाइस कंपनियों को दवाओं के मुकाबले ज्यादा प्राइसिंग फ्लेक्सिबिलिटी मिलती रही है, लेकिन अगर कैप लगता है तो कंपनियों की प्राइसिंग पावर कम होगी। इससे कंपनियों के मार्जिन पर सीधा दबाव पड़ेगा। निवेशकों को अब NPPA की अगली गाइडलाइंस पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कोई भी नया रेगुलेशन इन कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.