पाकिस्तानी स्किन क्रीम पर बैन! किडनी फेल होने के बाद महाराष्ट्र FDA का बड़ा एक्शन

HEALTHCAREBIOTECH
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
पाकिस्तानी स्किन क्रीम पर बैन! किडनी फेल होने के बाद महाराष्ट्र FDA का बड़ा एक्शन

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पाकिस्तान से आई तीन ब्यूटी क्रीम्स पर बैन लगा दिया है। इन क्रीम्स में खतरनाक मरकरी और लेड की मात्रा पाई गई है, जिसके इस्तेमाल से नागपुर की 18 महिलाओं को किडनी की गंभीर समस्या हुई है।

हेल्थ अलर्ट: खतरनाक केमिकल्स वाली क्रीम्स पर रोक

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए पाकिस्तान से आयातित तीन ब्यूटी प्रोडक्ट्स, जिनमें Goree Beauty Cream, Face Fresh Gold, और Golden Star Beauty Cream शामिल हैं, की बिक्री, वितरण और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी है। यह फैसला नागपुर में सामने आए स्वास्थ्य संकट के बाद लिया गया है, जहाँ कथित तौर पर इन व्हाइटनिंग क्रीम्स के लंबे समय तक इस्तेमाल से 18 महिलाओं को किडनी संबंधी बीमारियाँ हो गईं।

टॉक्सिसिटी टेस्ट में बड़ा खुलासा

उत्पादों के सैंपल की हुई लैबोरेटरी टेस्टिंग में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। इन क्रीम्स में मरकरी (Mercury) और लेड (Lead) की मात्रा तय मानकों से कई गुना ज्यादा पाई गई है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, मरकरी एक खतरनाक भारी धातु है जो त्वचा के जरिए शरीर में पहुंचकर किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसका लंबे समय तक संपर्क इन अंगों के लिए अपरिवर्तनीय क्षति का कारण बन सकता है।

ऑनलाइन बिक्री पर कसेगा शिकंजा

यह मामला भारत में क्रॉस-बॉर्डर इम्पोर्ट्स की निगरानी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले प्रोडक्ट्स की जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच में पता चला है कि ये क्रीम्स विभिन्न सोशल मीडिया पेजेस और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेची जा रही थीं। इस गंभीर स्वास्थ्य खतरे को देखते हुए मुंबई पुलिस ने इन उत्पादों के वितरण में शामिल एक स्थानीय दुकानदार के खिलाफ क्रिमिनल केस भी दर्ज किया है।

ई-कॉमर्स कंपनियों की प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य संकट की खबरों के बाद, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Meesho ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। कंपनी ने कहा है कि वे प्रभावित प्रोडक्ट्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटा रहे हैं और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। यह घटना डिजिटल माध्यमों से भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले अनियंत्रित ब्यूटी और हेल्थ प्रोडक्ट्स की निगरानी में नियामकों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.