महाराष्ट्र में स्कूलों के पास जंक फूड बैन, कैंटीन के लिए लाइसेंस जरूरी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
महाराष्ट्र में स्कूलों के पास जंक फूड बैन, कैंटीन के लिए लाइसेंस जरूरी

महाराष्ट्र FDA ने स्कूलों के आसपास जंक फूड की बिक्री पर बड़ा कदम उठाया है। अब स्कूलों के **50 मीटर** के दायरे में हाई-शुगर, साल्ट और फैट वाले फूड प्रोडक्ट्स की बिक्री पूरी तरह से बैन कर दी गई है। साथ ही, छात्रों के पोषण को बेहतर बनाने के लिए कैंटीन के लिए सख्त लाइसेंसिंग अनिवार्य कर दी गई है।

स्कूलों के पास जंक फूड की बिक्री पर रोक

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा नियम लागू किया है। नए आदेश के तहत, स्कूलों की बिल्डिंग के अंदर और उनके 50 मीटर के दायरे में हाई फैट, शुगर और सॉल्ट (HFSS) वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री, विज्ञापन और मुफ्त वितरण पर रोक लगा दी गई है। यह नियम राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगा, जिसका असर करीब 2 करोड़ छात्रों पर पड़ेगा।

कैंटीन के लिए नई लाइसेंसिंग व्यवस्था

सिर्फ जंक फूड बैन ही नहीं, बल्कि अब सभी स्कूल कैंटीन को एक ऑफिशियल लाइसेंस के तहत ही काम करना होगा। स्कूलों को या तो लाइसेंस प्राप्त वेंडरों को ही कैंटीन चलाने की इजाजत देनी होगी, या फिर खुद FDA से सीधे लाइसेंस लेना होगा। इस कदम का मकसद स्कूल फूड सर्विसेज को रेगुलेटरी निगरानी में लाना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी फूड प्रोवाइडर 'Food Safety and Standards Regulations 2021' द्वारा तय किए गए मानकों का पालन करें।

नियमों का पालन और एक्शन

FDA कमिश्नर राजेश नरवेकर मुंडे ने बताया है कि शुरुआत में स्कूलों को इस बारे में जागरूक किया जाएगा, लेकिन बाद में नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा। FDA हर स्कूल में साल में कम से कम दो बार अनिवार्य निरीक्षण करेगा।

इस नियम को लागू करने की पूरी जिम्मेदारी स्कूल के प्रिंसिपल की होगी। FDA ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों की एफिलिएशन (संबद्धता) रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है। स्कूल के 50 मीटर के दायरे में आने वाली दुकानों और वेंडरों के खिलाफ भी FDA सीधे कार्रवाई करेगा, जो HFSS आइटम्स, जैसे एनर्जी ड्रिंक्स, आइसक्रीम और कुछ प्रोसेस्ड फूड्स की बिक्री करते पाए जाएंगे।

फूड और बेवरेज वेंडर्स पर असर

इस पॉलिसी बदलाव से उन कंपनियों और छोटे बिजनेसेज के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है, जो स्कूल कैंटीन या उनके आसपास फूड प्रोडक्ट्स सप्लाई करते हैं। HFSS कैटेगरी में आने वाले प्रोडक्ट्स बनाने या बेचने वाली कंपनियों के लिए इन इलाकों में अपनी पहुंच कम हो सकती है। पैक्ड फूड और क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट सेक्टर के निवेशकों को यह देखना होगा कि इन प्रतिबंधों का डिमांड पर क्या असर पड़ता है, खासकर उन कंपनियों के लिए जो स्कूल-आधारित सप्लाई चेन पर निर्भर हैं।

इस पॉलिसी की सफलता FDA के निरीक्षण की सख्ती और स्कूलों द्वारा हेल्दी फूड वेंडर्स को अपनाने की क्षमता पर निर्भर करेगी। आगे चलकर, हम FDA की निरीक्षण रिपोर्ट, जारी किए गए लाइसेंस की संख्या और स्कूल परिसरों के पास स्थित स्थानीय फूड वेंडरों से किसी भी तरह के विरोध पर नज़र रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.