अमेरिकी कोर्ट ने सिस्टिक फाइब्रोसिस दवा Kalydeco को लेकर चल रहे पेटेंट मामले में Lupin के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस जीत के बाद कंपनी के लिए बाजार में जेनेरिक दवा लॉन्च करने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे उसे **180 दिन** की एक्सक्लूसिविटी मिल सकती है।
Lupin ने अमेरिका में एक बड़ी कानूनी लड़ाई जीत ली है। डेलावेयर की अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने Vertex Pharmaceuticals के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने Lupin की जेनेरिक दवा को अपने पेटेंट का उल्लंघन बताया था। 24 अगस्त, 2026 को आए इस फैसले ने कंपनी के लिए एक बड़ा कानूनी रोड़ा हटा दिया है।
पेटेंट विवाद की असली वजह
यह सारा विवाद दवा में मौजूद 'Ivacaftor' के केमिकल कंसंट्रेशन को लेकर था। Vertex का तर्क था कि उनका पेटेंट 80% कंसंट्रेशन के आसपास के सभी फॉर्मूलेशन को कवर करता है। हालांकि, जज स्टीफानोस बिबास ने इस तर्क को नकार दिया। कोर्ट ने माना कि Lupin का फॉर्मूलेशन, जिसमें लगभग 74% Ivacaftor है, Vertex के पेटेंट दायरे में नहीं आता है।
बाजार में एंट्री की तैयारी
निवेशकों के लिए यह खबर काफी अहम है, क्योंकि Lupin इस जेनेरिक दवा के लिए 'फर्स्ट-टू-फाइल' आवेदक है। अगर कंपनी इसे बाजार में सबसे पहले उतारती है, तो उसे 180 दिन तक मार्केट एक्सक्लूसिविटी मिल सकती है। Lupin के पास पहले से ही इसके ओरल ग्रेन्यूल्स के लिए US FDA की टेंटेटिव मंजूरी मौजूद है।
आगे की चुनौतियां और रिस्क
कोर्ट का फैसला Lupin के हक में है, लेकिन अंतिम मंजूरी के लिए अभी US FDA के फाइनल अप्रूवल का इंतजार है। इसके अलावा, फार्मा सेक्टर में कंपनियां अक्सर निचली अदालत के फैसले को ऊपरी अदालतों में चुनौती देती हैं, इसलिए Vertex का रुख अभी भी एक रिस्क फैक्टर बना हुआ है। 26 अगस्त, 2026 को Lupin का शेयर ₹2,194 के आसपास ट्रेड कर रहा था, और मार्केट अब कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन पर नजरें गड़ाए बैठा है।
