Lupin के शेयर सोमवार को सात हफ्तों के निचले स्तर ₹2,273.90 पर आ गए। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण अमेरिकी बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। कंपनी ने जून तिमाही में **16%** का मुनाफा तो दर्ज किया, लेकिन Tolvaptan जैसी दवाओं में नए प्रतिद्वंद्वियों के आने से ग्रोथ पर असर पड़ने की आशंका है।
मुनाफा बढ़ने के बावजूद गिरावट क्यों?
Lupin के शेयरधारकों के लिए सोमवार का दिन चिंताजनक रहा। कंपनी के शेयर 4% गिरकर ₹2,273.90 के स्तर पर आ गए, जो पिछले सात हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने जून तिमाही के लिए 16% का मजबूत मुनाफा दिखाया।
कंपनी ने अपनी आमदनी में 33.3% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹8,217 करोड़ रही। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशक इन नतीजों से ज्यादा भविष्य के जोखिमों पर ध्यान दे रहे हैं। मुख्य चिंता अमेरिकी बाजार में कुछ खास दवाओं को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा की है।
Lupin के लिए अमेरिका का कारोबार अहम रहा है। पहली तिमाही में नॉर्थ अमेरिका की बिक्री 43% बढ़कर $366 मिलियन हो गई, जिसमें Tolvaptan दवा का बड़ा योगदान रहा। लेकिन, कंपनी और विश्लेषकों का मानना है कि यह रफ्तार आगे जारी नहीं रहेगी। Apotex और Teva जैसी कंपनियां Tolvaptan बाजार में उतर चुकी हैं, और सितंबर 2026 तक और भी खिलाड़ी इसमें शामिल हो सकते हैं। इससे बाजार हिस्सेदारी घटने और कीमतों पर दबाव आने की आशंका है।
मुनाफे और अमेरिकी ग्रोथ का भविष्य
फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ने Lupin के लिए अपने अनुमानों में बदलाव करना शुरू कर दिया है। उनका मानना है कि अमेरिका में ग्रोथ की रफ्तार धीमी होगी, क्योंकि जेनेरिक प्रतिस्पर्धा मौजूदा दवाओं के मूल्य लाभ को कम कर देगी। अनुमान है कि अमेरिका से तिमाही आमदनी जो हालिया तिमाही में $366 मिलियन थी, वह अगले कुछ तिमाहियों में घटकर $250 मिलियन से $280 मिलियन के बीच रह सकती है।
इस बदलाव से भविष्य के प्रॉफिट मार्जिन को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिन दवाओं के दम पर कंपनी ने हालिया सफलता पाई, वे अब दबाव में हैं। ऐसे में अगले दो सालों के लिए कंपनी की कमाई में स्थिरता या मामूली गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है। कई ब्रोकरेज फर्मों ने अपने टारगेट प्राइस कम कर दिए हैं, क्योंकि उनका मानना है कि मौजूदा स्टॉक वैल्यू, आय वृद्धि में अपेक्षित ठहराव को ठीक से नहीं दर्शाती है।
हालिया बाजार में कमजोर प्रदर्शन
यह गिरावट Lupin के हालिया कमजोर प्रदर्शन की ओर भी इशारा करती है। पिछले एक महीने में, शेयर की कीमत में करीब 9% की गिरावट आई है, जबकि BSE Sensex ने इस दौरान बढ़त दर्ज की है। हेल्थकेयर सेक्टर में आम तौर पर तेजी देखी गई है, लेकिन Lupin पिछड़ गई है। यह दिखाता है कि सेक्टर-व्यापी रुझानों की तुलना में कंपनी-विशिष्ट जोखिम निवेशकों की भावना पर अधिक हावी हो रहे हैं।
निवेशक भविष्य की तिमाही रिपोर्टों में अमेरिकी राजस्व दर पर बारीकी से नजर रखेंगे कि क्या यह चिंताएं हकीकत बनती हैं। कंपनी के लिए यह देखना अहम होगा कि वह अपने पाइपलाइन से नए उत्पाद लॉन्च करके मौजूदा उच्च-मूल्य वाली दवाओं में गिरावट की भरपाई कैसे कर पाती है। प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण के माहौल में बदलाव का प्रबंधन करते हुए मार्जिन स्थिरता बनाए रखना, भविष्य में कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती रहेगी।
