Lord’s Mark Industries ने अपने AI-संचालित और रेडिएशन-मुक्त ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग डिवाइस के लिए इंटरनेशनल क्लीनिकल ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य जनवरी 2027 में ट्रायल शुरू कर अप्रैल 2027 तक इसे ग्लोबल मार्केट में लॉन्च करना है।
ग्लोबल मार्केट पर नज़र
भारत में शुरुआती ट्रायल के बाद, कंपनी अब अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के बाजारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन क्षेत्रों में जनवरी 2027 से फेज-2 क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने की योजना है। इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से रेडिएशन-मुक्त है, जो इसे पारंपरिक मैमोग्राफी से कहीं अधिक सुरक्षित और सुलभ विकल्प बनाता है। इस तकनीक को C-MET के साथ मिलकर विकसित किया गया है।
रेगुलेटरी और इंश्योरेंस का गणित
सफलता केवल तकनीक पर नहीं, बल्कि रेगुलेटरी अप्रूवल पर भी निर्भर करेगी। फिलहाल, कंपनी भारत में CDSCO से मंजूरी लेने की प्रक्रिया में है। साथ ही, IRDAI के साथ बातचीत चल रही है ताकि इस स्क्रीनिंग सर्विस को हेल्थ इंश्योरेंस कवर के दायरे में लाया जा सके। अगर यह प्रयास सफल रहा, तो यह तकनीक आम लोगों के लिए काफी किफायती हो जाएगी।
चुनौतियां और भविष्य
कंपनी ने इस डिवाइस की डिटेक्शन एक्यूरेसी 98% होने का दावा किया है, लेकिन इंटरनेशनल मार्केट के सख्त मानकों पर खरा उतरना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, मेडिकल प्रोफेशनल्स के बीच इस नई तकनीक को स्वीकार्यता दिलाना और हॉस्पिटल वर्कफ्लो में इसे इंटीग्रेट करना कंपनी के लिए अगले बड़े टास्क होंगे। इन्वेस्टर्स को जनवरी 2027 के ट्रायल नतीजों और रेगुलेटरी अपडेट्स पर पैनी नज़र रखनी चाहिए।
