मेड-टेक कंपनी Lord’s Mark Industries को अपनी Renalyx डायलिसिस मशीन के लिए UK रेगुलेटरी से बड़ी सफलता मिली है। कंपनी अब जनवरी 2027 से अंतरराष्ट्रीय निर्यात की तैयारी कर रही है।
मुंबई की कंपनी Lord’s Mark Industries को UK की Medicines and Healthcare products Regulatory Agency (MHRA) से ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन मिल गया है। यह मंजूरी कंपनी की Renalyx डायलिसिस मशीन को ब्रिटिश हेल्थकेयर मार्केट में ले जाने का रास्ता साफ करती है। कंपनी का लक्ष्य जनवरी 2027 से निर्यात प्रक्रिया शुरू करना है, जो भारतीय मेड-टेक कंपनियों के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
AI का तड़का और नई तकनीक
कंपनी का पूरा जोर RenalOS प्लेटफॉर्म पर है, जो डायलिसिस में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करता है। यह सिस्टम रियल-टाइम पेशेंट मॉनिटरिंग और प्रेडिक्टिव डायग्नोस्टिक्स की सुविधा देता है। क्लाउड-कनेक्टेड हार्डवेयर के जरिए कंपनी पारंपरिक डायलिसिस मॉडल्स को एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम में बदलना चाहती है।
क्या है कंपनी की रणनीति?
Lord’s Mark एक 'डुअल-पाथ' मॉडल पर काम करेगी। वे अपनी मशीनें अन्य अस्पतालों को बेचने के साथ-साथ खुद के डायलिसिस सेंटर खोलने पर भी विचार कर रहे हैं। हालांकि, यह रणनीति काफी पूंजी-गहन (Capital-intensive) है। इसमें बड़े पैमाने पर स्टाफ की नियुक्ति और विदेशी मानकों के अनुसार काम करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
चुनौतियां और भविष्य
UK मार्केट में पहले से ही कई ग्लोबल दिग्गज कंपनियां जमी हुई हैं। ऐसे में National Health Service (NHS) या प्राइवेट ग्रुप्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना आसान नहीं होगा। आने वाले समय में कंपनी के लिए विदेशी ऑपरेशंस में कितना कैपिटल खर्च होता है और उन्हें कितने कॉन्ट्रैक्ट मिलते हैं, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
