चेन्नई स्थित फार्मा कंपनी Linux Laboratories ने अपने विस्तार और रिसर्च के लिए **$7 करोड़** (करीब **₹585 करोड़**) की नई फंडिंग जुटाई है। इस डील में ChrysCapital और Tata Capital Healthcare Fund III मुख्य निवेशक बनकर उभरे हैं।
भारी-भरकम फंड की इनफ्लो
इस निवेश राउंड का नेतृत्व दिग्गज प्राइवेट इक्विटी फर्म ChrysCapital और Tata Capital Healthcare Fund III ने किया है। इस फंडिंग के साथ ही Tata Capital Healthcare Fund II ने कंपनी से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है, जिसने अपने 5 साल के निवेश पर निवेशकों को 4 गुना शानदार रिटर्न दिया है।
भविष्य की योजनाएं
चेन्नई की यह फार्मा कंपनी इस राशि का उपयोग भारतीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने में करेगी। Linux Laboratories मुख्य रूप से CNS (सेंट्रल नर्वस सिस्टम), डर्मेटोलॉजी और कार्डियो-डायबिटिक जैसे खास सेगमेंट पर फोकस करती है। कंपनी मैनेजमेंट का लक्ष्य अपनी ऑपरेशन्स को स्केल करना, R&D बजट बढ़ाना और नई फार्मा ब्रांड्स का अधिग्रहण करना है।
क्या है कंपनी का मौजूदा स्ट्रक्चर?
2007 में स्थापित यह कंपनी वर्तमान में 125 से ज्यादा ब्रांड्स और 400 से अधिक SKUs का पोर्टफोलियो चलाती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी WHO-GMP सर्टिफाइड है। इस डील के लिए Avendus Capital ने फाइनेंशियल एडवाइजर के तौर पर काम किया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
चूंकि Linux Laboratories एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए यह अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस कंपनी के शेयर प्राइस मूवमेंट या पब्लिक अर्निंग्स की जानकारी आम निवेशकों के लिए उपलब्ध नहीं होती। इस तरह के निवेश में नई ब्रांड्स के इंटीग्रेशन और मैन्युफैक्चरिंग क्वालिटी बनाए रखने का जोखिम हमेशा बना रहता है।
