चेन्नई स्थित फार्मा कंपनी Linux Laboratories ने **$70 मिलियन** (लगभग **₹580 करोड़**) की नई फंडिंग हासिल की है। इस राउंड का नेतृत्व ChrysCapital और Tata Capital Healthcare Fund III ने किया है, जो कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा।
फंडिंग और निवेशकों का गणित
इस महत्वपूर्ण निवेश राउंड के साथ ही कंपनी के निवेशक आधार में बड़ा बदलाव आया है। Tata Capital Healthcare Fund II, जिसने 2021 में इसमें निवेश किया था, ने इस डील के जरिए पूरी तरह से एग्जिट (Exit) कर लिया है। अब नए निवेशकों के साथ कंपनी अपने अगले चरण के विकास की योजना बना रही है।
आगे का रोडमैप और लक्ष्य
कंपनी का मुख्य फोकस अब सेंट्रल नर्वस सिस्टम, डर्मेटोलॉजी और कार्डियो-डायबिटिक जैसे क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करना है। कंपनी वर्तमान में 125 से ज्यादा घरेलू फॉर्मूलेशन का प्रबंधन करती है।
फाइनेंशियल लक्ष्य और मार्जिन
मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 तक ₹450 करोड़ से ₹500 करोड़ का एनुअल रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रखा है। साथ ही, कंपनी का अनुमानित EBITDA ₹85 करोड़ से ₹90 करोड़ के बीच रहने की उम्मीद है। हालांकि Linux Laboratories अभी एक प्राइवेट कंपनी है और रिटेल निवेशकों के लिए बाजार में उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह डील घरेलू फार्मा स्पेस में स्पेशलिटी दवाओं की बढ़ती मांग और निवेशकों की दिलचस्पी को साफ दर्शाती है।
