कंपनी के मुनाफे में आई तेजी का राज
Lincoln Pharmaceuticals के तिमाही नतीजों ने बाजार को राहत दी है। पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले, इस बार कंपनी का रेवेन्यू 13.49% बढ़कर ₹166.32 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹146.55 करोड़ था। इसी के साथ, कंपनी का नेट प्रॉफिट 37.70% उछलकर ₹28.60 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹20.77 करोड़ था।
हालांकि, नौ महीनों (9-month) की अवधि के लिए प्रति शेयर आय (EPS) ₹38.07 रही, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹41.11 से थोड़ी कम है। कंपनी ने बताया है कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में निवेश बढ़ाने और विस्तार योजनाओं के चलते ऐसा हुआ है।
आगे का प्लान: ₹1,000 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य
कंपनी ने अपने लॉन्ग-टर्म रेवेन्यू के लक्ष्य को ₹1,000 करोड़ पर बरकरार रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए, कंपनी सालाना 12% से 18% की ग्रोथ रेट की उम्मीद कर रही है। कंपनी खास तौर पर niche थेरेप्यूटिक एरिया (therapeutic areas) और रेगुलेटेड इंटरनेशनल मार्केट्स (regulated international markets) में अपनी पैठ बढ़ाने पर जोर दे रही है।
Cepha ब्लॉक फैसिलिटी से उम्मीदें
कंपनी की नई Cepha ब्लॉक फैसिलिटी (Cepha block facility) का परिचालन शुरू हो चुका है, जिससे आने वाले समय में रेवेन्यू में अच्छी खासी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। कंपनी का अनुमान है कि यह फैसिलिटी इस साल लगभग ₹45 करोड़ का रेवेन्यू जोड़ेगी, और भविष्य में यह ₹150 करोड़ तक पहुंच सकता है।
R&D और एक्सपोर्ट पर फोकस
कंपनी अपने R&D खर्च को राजस्व के 2% से बढ़ाकर 3.25% करने वाली है, ताकि नए प्रोडक्ट्स के रजिस्ट्रेशन में तेजी लाई जा सके और रेगुलेटेड इंटरनेशनल मार्केट्स में एंट्री आसान हो। कंपनी की मौजूदा एक्सपोर्ट रेवेन्यू लगभग ₹400 करोड़ है और इसे और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।