मोटापे की दवा बाजार में Eli Lilly का जलवा
Eli Lilly & Co. ने हाल ही में ओबेसिटी ड्रग्स के बाजार में अपनी धाक जमाई है। कंपनी ने आने वाले समय के लिए 27% तक की बिक्री ग्रोथ का अनुमान जताया है। यह अंदाज Novo Nordisk A/S के उलट है, जिसने कीमत की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण बिक्री में 13% तक की गिरावट की चेतावनी दी है। Eli Lilly के इस दमदार प्रदर्शन का असर उसके शेयरों पर तुरंत देखने को मिला, जो न्यूयॉर्क के शुरुआती कारोबार में 8.3% तक चढ़ गए। कंपनी ने चौथी तिमाही में $19.3 बिलियन की बिक्री दर्ज की, जो $18 बिलियन के अनुमान से कहीं ज्यादा है। इसमें Zepbound ने $4.3 बिलियन का राजस्व जुटाया (अनुमान $3.8 बिलियन था) और Mounjaro ने $7.4 बिलियन की बिक्री की (अनुमान $6.7 बिलियन था)।
पेटेंट, पोर्टफोलियो और फ्यूचर प्लान: Lilly की मजबूत पोजीशन
Lilly की बाजार में बढ़त के पीछे कई मजबूत रणनीतिक वजहें हैं। इसकी सबसे ज्यादा बिकने वाली दवाएं, Mounjaro और Zepbound, 2041 तक मजबूत पेटेंट सुरक्षा के साथ आती हैं, जो इसे जेनेरिक प्रतिस्पर्धा से काफी बचाती है। इसके विपरीत, Novo Nordisk की सेमाग्लूटाइड (semaglutide) आधारित दवाओं के पेटेंट 2026 से ही चीन, कनाडा और भारत जैसे बाजारों में समाप्त होना शुरू हो जाएंगे। इतना ही नहीं, Lilly का थेराप्यूटिक एरिया में विविधीकरण, जैसे कि न्यूरोसाइंस, इम्यूनोलॉजी और ऑन्कोलॉजी, इसे Novo Nordisk के सिर्फ डायबिटीज और ओबेसिटी पर केंद्रित होने से अलग और मजबूत बनाता है। कंपनी नए डिलीवरी फॉर्मेट पर भी काम कर रही है, जिसमें हाल ही में Zepbound के मल्टीडोज वर्जन को FDA से मंजूरी मिली है, जो 30 दिनों के भीतर बाजार में आ सकता है।
रेगुलेटरी सपोर्ट और कॉम्पिटिटिव मूव्स
ओबेसिटी दवाओं के लिए मेडिकेयर (Medicare) द्वारा बढ़ाया जा रहा कवरेज दोनों कंपनियों के लिए एक बड़ा बूस्टर है। हालांकि, Eli Lilly की मल्टीडोज पेन और अपनी ओरल वजन घटाने वाली गोली, orforglipron, के लिए तैयारी इसे और आगे रखती है। orforglipron को 2026 की दूसरी तिमाही, संभवतः मार्च तक, FDA अप्रूवल मिलने की उम्मीद है, जो इंजेक्टेबल दवाओं के मुकाबले एक गोली-आधारित विकल्प देगा। वहीं, Novo Nordisk ने अपनी ओरल सेमाग्लूटाइड गोली जनवरी 2026 की शुरुआत में ही लॉन्च की थी। दोनों कंपनियां कीमत के दबाव और दवा की लागत कम करने के सरकारी समझौतों से निपट रही हैं, लेकिन Lilly की बेहतर पेटेंट सुरक्षा और विविध पोर्टफोलियो इसे अधिक मजबूती प्रदान करते हैं। साथ ही, Lilly की Zepbound ने आमने-सामने के ट्रायल्स में बेहतर प्रभावशीलता दिखाई है, जिससे इसे बाजार में पैठ बनाने में मदद मिली है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स का नज़रिया
Eli Lilly के बाजार में दबदबे और भविष्य की ग्रोथ की संभावनाएँ उसके वैल्यूएशन में भी दिखती हैं। कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 50-54 के आसपास है, जो Novo Nordisk के लगभग 15-16 के P/E रेश्यो से काफी ज्यादा है। यह अंतर Lilly की रणनीतिक स्थिति और फ्यूचर प्लान में निवेशकों के गहरे भरोसे को दर्शाता है। एनालिस्ट्स भी Lilly के भविष्य को लेकर काफी आशान्वित हैं, जिनकी कंसेंसस रेटिंग 'Buy' है और औसत टारगेट प्राइस लगभग $1,108-$1,162 के बीच है। इसके विपरीत, Novo Nordisk की 'Moderate Buy' रेटिंग के बावजूद, उसके लिए दृष्टिकोण अधिक सतर्क है, औसत टारगेट प्राइस लगभग $57-$58 है। पिछले साल Novo Nordisk के शेयरों में करीब 50% की गिरावट भी आई है।