Laxmi Dental Share: बड़ा झटका! Q3 में कंपनी का नेट प्रॉफिट **75%** गिरा, जानिए क्या है वजह

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Laxmi Dental Share: बड़ा झटका! Q3 में कंपनी का नेट प्रॉफिट **75%** गिरा, जानिए क्या है वजह
Overview

Laxmi Dental ने Q3 FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी के कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले **74.50%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी का PAT घटकर **₹9.28 मिलियन** रह गया, जबकि कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में **5.88%** की बढ़त देखी गई।

📉 मुनाफा क्यों गिरा, जानिए पूरा सच

Laxmi Dental Limited के कंसॉलिडेटेड नतीजों में प्रॉफिट में आई इस भारी गिरावट की मुख्य वजह नए लेबर कोड्स के कारण कंपनी पर पड़ा ₹57.79 मिलियन का एक्सेप्शनल आइटम (exceptional item) रहा। इस वजह से कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) Q3 FY25 के ₹36.42 मिलियन से गिरकर Q3 FY26 में ₹9.28 मिलियन पर आ गया। हालांकि, कंपनी के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में 5.88% की अच्छी बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह ₹640.21 मिलियन पर पहुँच गया, जो पिछले साल ₹604.65 मिलियन था। इसके चलते बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी भारी गिरावट आई, जो ₹0.88 से घटकर ₹0.37 रह गया।

🚨 स्टैंडअलोन नतीजे और भी चिंताजनक

कंसॉलिडेटेड नतीजों के मुकाबले, कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों ने ज्यादा चिंता बढ़ाई है। Q3 FY26 में स्टैंडअलोन PAT ₹18.90 मिलियन के लॉस (loss) में बदल गया, जबकि Q3 FY25 में ₹32.14 मिलियन का प्रॉफिट था। स्टैंडअलोन में भी लेबर कोड्स का प्रभाव ₹51.56 मिलियन का एक्सेप्शनल आइटम रहा। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 11.75% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹477.74 मिलियन रहा। स्टैंडअलोन बेसिक EPS भी ₹0.59 के प्रॉफिट से ₹0.34 के लॉस में चला गया।

📈 नौ महीनों का प्रदर्शन

साल के पहले नौ महीनों (9MFY26) की बात करें तो, कंसॉलिडेटेड PAT में 27.69% की गिरावट आई और यह ₹157.95 मिलियन रहा, जबकि कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 13.16% बढ़कर ₹1,993.23 मिलियन पर पहुँच गया। स्टैंडअलोन PAT भी ₹215.99 मिलियन से घटकर ₹125.40 मिलियन रहा, हालांकि स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 18.92% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

🚩 आगे क्या?

कंपनी ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए Rich Smile Design LLP के ऑपरेशन्स को 31 मार्च, 2026 तक बंद करने का फैसला किया है। यह संकेत देता है कि कंपनी अपनी बिजनेस स्ट्रैटेजी को दोबारा परख रही है। कंसॉलिडेटेड आधार पर, लेबोरेटरी बिजनेस में ग्रोथ दिखी, लेकिन Aligners Business में Q3 में थोड़ी गिरावट आई, हालांकि नौ महीनों में इसमें ग्रोथ बनी रही। 'Other Business' सेगमेंट में भी YoY गिरावट देखने को मिली।

निवेशक अब आगे यह देखेंगे कि Laxmi Dental लेबर कोड्स के प्रभाव को कैसे मैनेज करती है और कंपनी की स्ट्रैटेजिक एडजस्टमेंट्स कितनी कारगर साबित होती हैं। कंपनी के पास IPO से मिले ₹611.92 मिलियन फंड फिक्स्ड डिपॉजिट्स में निवेशित हैं, जो भविष्य में ग्रोथ या कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

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