Q3 के नतीजे: मुनाफे और मार्जिन में शानदार बढ़त
Laurus Labs ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिन्होंने बाज़ार को प्रभावित किया है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 26% बढ़कर ₹1,778 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 27% के पार पहुंच गया, जो कंपनी के बेहतर परफॉरमेंस को दर्शाता है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह ग्रोथ जेनेरिक्स (Generics) और CDMO दोनों सेगमेंट में मजबूत एग्जीक्यूशन के कारण संभव हुई है।
CDMO सेगमेंट में तेजी, जेनेरिक्स भी चमका
कंपनी की इस शानदार परफॉरमेंस का बड़ा श्रेय CDMO सेगमेंट को जा रहा है। इसके अलावा, Antiretroviral (ARV) वॉल्यूम में बढ़ोतरी और डेवलप्ड मार्केट्स में मजबूत मांग ने जेनेरिक्स बिज़नेस को भी सहारा दिया। कंपनी को उम्मीद है कि चौथी तिमाही और FY27 में भी ग्रोथ की यह रफ्तार जारी रहेगी।
कैपिटल एक्सपेंडिचर का असर: CDMO की क्षमता दोगुनी
FY22-26 के दौरान कंपनी ने ₹3,900 करोड़ का बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) किया है, जिसमें से करीब 75% API और CDMO फैसिलिटीज पर खर्च हुआ। इसका सीधा असर अब दिखाई दे रहा है। CDMO सेगमेंट की तिमाही रन रेट पिछले दो सालों में ₹220-250 करोड़ से बढ़कर ₹450-500 करोड़ हो गई है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि 2028 तक CDMO का रेवेन्यू में योगदान 16% से बढ़कर 32% हो सकता है।
वैल्यूएशन पर चिंता, एनालिस्ट्स बंटे
हालांकि, Laurus Labs की शेयर कीमती (Valuation) पर बाज़ार में चिंताएं बनी हुई हैं। कंपनी का TTM (Trailing Twelve Months) P/E रेश्यो करीब 65-72x है, जो भारतीय फार्मा इंडस्ट्री के एवरेज 26.4x और पीयर ग्रुप के एवरेज 40.6x से काफी ज़्यादा है। इसके बावजूद, कुछ ब्रोकरेज फर्म्स जैसे Motilal Oswal और ICICI Securities ने 'Buy' रेटिंग और ₹1,280 व ₹1,170 के टारगेट दिए हैं।
'होल्ड' या 'सेल' की सलाह: भविष्य की राह
दूसरी ओर, कई एनालिस्ट्स इस प्रीमियम वैल्यूएशन को लेकर सतर्क हैं। Trendlyne और MarketScreener जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंसेंसस प्राइस टारगेट करीब ₹913.47 है, जो मौजूदा स्तर से गिरावट का संकेत देता है। यह 'Hold' या 'Sell' की सलाह को दर्शाता है। कंपनी को भविष्य में अपनी ग्रोथ को बनाए रखने और इस प्रीमियम वैल्यूएशन को सही ठहराने के लिए लगातार मार्जिन बढ़ाना होगा और CDMO प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक भुनाना होगा।