Laurus Labs Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का मुनाफा **125%** उछला, शेयर **2%** भागा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Laurus Labs Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! कंपनी का मुनाफा **125%** उछला, शेयर **2%** भागा

Laurus Labs के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी के जून 2026 तिमाही के नतीजे शानदार रहे हैं, जिसके चलते शेयर में **2.13%** की तेजी आई है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू **29.1%** बढ़ा है, जबकि नेट प्रॉफिट में **124.7%** का जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।

दमदार तिमाही नतीजे

Laurus Labs ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने इस अवधि में ₹2,026.31 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹1,569.57 करोड़ की तुलना में 29.10% अधिक है।

सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट 124.73% बढ़कर ₹361.99 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा ₹161.08 करोड़ था। इसी के साथ, शेयर पर अर्निंग (EPS) भी ₹3.02 से बढ़कर ₹6.81 हो गई है।

पूरे साल की ग्रोथ भी शानदार

तिमाही नतीजों के अलावा, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (मार्च 2026 में समाप्त) के पूरे साल के नतीजे भी पेश किए हैं। इस दौरान कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹6,812.90 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹5,553.96 करोड़ से 22.67% ज्यादा है।

पूरे साल का नेट प्रॉफिट तो 151.10% की भारी बढ़ोतरी के साथ ₹889.85 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹354.41 करोड़ था। पूरे साल का ईपीएस (EPS) भी ₹6.65 से बढ़कर ₹16.47 हो गया है।

हालिया कॉर्पोरेट गतिविधियां

इन नतीजों के साथ ही, Laurus Labs ने हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट अपडेट्स भी दिए हैं। कंपनी ने 30 जुलाई, 2026 को अपनी अर्निंग्स कॉल ट्रांसक्रिप्ट जारी की थी। इससे पहले 25 जुलाई, 2026 को, कंपनी ने एक कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Composite Scheme of Arrangement) को लेकर भी अपडेट दिया था। इसके अलावा, शेयरधारकों को 8 मई, 2026 को ₹1.20 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी मिला था।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

हेल्थकेयर और बायोटेक सेक्टर की कंपनी होने के नाते, Laurus Labs पर प्राइजिंग प्रेशर और रेगुलेटरी बदलावों का असर पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी की हालिया ग्रोथ बेहद मजबूत है, लेकिन निवेशकों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि क्या कंपनी इसी रफ्तार को आगे भी बनाए रख पाती है। रॉ मटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल डिमांड कंपनी के लिए अहम फैक्टर रहेंगे। मैनेजमेंट की कमेंट्री और कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग की प्रगति पर नजर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.