Laurus Labs ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **126%** बढ़कर **₹441 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे कंपनी के CDMO बिजनेस में आई जोरदार तेजी मुख्य वजह रही है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू में उछाल
हैदराबाद स्थित फार्मा कंपनी Laurus Labs के लिए यह तिमाही काफी दमदार रही है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹195 करोड़ से बढ़कर सीधे ₹441 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 33% की बढ़त के साथ ₹2,206 करोड़ दर्ज किया गया है। इस ग्रोथ का बड़ा श्रेय कंपनी के CDMO (Contract Development and Manufacturing Organization) सेगमेंट और दवाओं की मजबूत मांग को जाता है।
TIDES सेगमेंट और नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
कंपनी अब TIDES सेगमेंट (पेप्टाइड्स और ऑलिगोन्यूक्लियोटाइड्स) जैसे हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए कंपनी ने विजाग (Vizag) में एक कमर्शियल-स्केल पेप्टाइड प्लांट को चालू किया है। यह नई यूनिट आधुनिक तकनीक से लैस है, जो स्पेशलाइज्ड थेरेप्यूटिक्स की बढ़ती मांग को पूरा करने में सक्षम है।
ग्लोबल विस्तार और अधिग्रहण
अपने रिसर्च और डेवलपमेंट को ग्लोबल लेवल पर ले जाने के लिए, Laurus Labs ने कनाडाई बायोटेक फर्म Galenvs Sciences में 60% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। इस डील के लिए कंपनी कुल $3.75 मिलियन का निवेश करेगी, जिसमें $2.75 मिलियन का प्राइमरी इन्वेस्टमेंट शामिल है। Galenvs Sciences मैगनेटिक नैनोपार्टिकल्स और ऑलिगोन्यूक्लियोटाइड तकनीक में विशेषज्ञता रखती है, जिससे Laurus Labs को एडवांस्ड दवाएं बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।
निवेशकों के लिए संकेत
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि कंपनी कैसे इस नई कनाडाई फर्म को अपने बिजनेस में इंटीग्रेट करती है और विजाग प्लांट से उत्पादन को कितनी तेजी से बढ़ाती है। पारंपरिक API बिजनेस से हटकर कॉम्प्लेक्स CDMO सर्विसेज की ओर मुड़ना कंपनी के लिए भविष्य में मुनाफे के मार्जिन को बेहतर बनाने का एक बड़ा दांव है, लेकिन इसकी सफलता नई परियोजनाओं के समय पर निष्पादन पर निर्भर करेगी।
