Laurus Labs के शेयरों ने सोमवार को ₹2,087 का नया लाइफटाइम हाई छू लिया है। फरवरी के निचले स्तरों से यह स्टॉक अब तक **128%** की जबरदस्त छलांग लगा चुका है। बाजार की नजरें अब 29 अक्टूबर, 2026 को आने वाले कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजों पर टिकी हैं।
सोमवार के कारोबारी सत्र में Laurus Labs ने तब शानदार प्रदर्शन किया जब बाजार पर दबाव बना हुआ था। फरवरी 2026 के निचले स्तर से 128% की रैली के बाद, अब निवेशकों की नजर कंपनी के बोर्ड मीटिंग पर है, जो 29 अक्टूबर, 2026 को होगी। इसमें सितंबर तिमाही के नतीजों के साथ-साथ डिविडेंड पर भी चर्चा संभव है।\n\n### दूसरी तिमाही का गणित\n\nएक्सपर्ट्स को इस तिमाही में कंपनी से काफी उम्मीदें हैं। Kotak Institutional Equities के अनुमान के मुताबिक, कंपनी के Synthesis सेगमेंट का रेवेन्यू साल-दर-साल 86% बढ़कर ₹880 करोड़ तक पहुंच सकता है। वहीं, API सेल्स में 11% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर EBITDA मार्जिन होगा, जिसके 31.2% तक पहुंचने की संभावना है, जो कि 680 बेसिस पॉइंट्स का उछाल है।\n\n### CDMO पर दांव\n\nकंपनी ने पिछले दो वर्षों में अपने CDMO बिजनेस का कायाकल्प किया है। इसका क्वार्टरली रेवेन्यू रन रेट ₹220-250 करोड़ से बढ़कर अब लगभग ₹800 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी अब पेप्टाइड्स, जीन थेरेपी और एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स जैसे हाई-वैल्यू एरिया में अपना दबदबा बढ़ा रही है।\n\n### आगे की राह\n\nभारतीय फार्मा सेक्टर के लिए माहौल सकारात्मक है क्योंकि वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन में विविधता ला रही हैं। CDMO सेगमेंट का मार्केट, जो अभी लगभग $3.5 बिलियन का है, 2035 तक $25 बिलियन तक पहुंचने की क्षमता रखता है। हालांकि, मार्जिन की सस्टेनेबिलिटी और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी होगा।
