एक बार के फायदे ने कैसे बढ़ाया मुनाफा?
Krsnaa Diagnostics ने Q4 FY26 में ₹41.70 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। लेकिन, इस फिगर में एसोसिएट कंपनी Apulki Healthcare से मिले ₹22.20 करोड़ के फेयर वैल्यूएशन गेन को भी शामिल किया गया है। इस एक बार के फायदे को हटा दें, तो एडजस्टेड प्रॉफिट सिर्फ ₹10.20 करोड़ रहा, जो कंपनी की असल कमाई पर दबाव दिखाता है। तिमाही के दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹192.60 करोड़ रहा, जो एनालिस्ट्स की उम्मीदों से लगभग 7% कम था। नतीजों के बाद शेयर में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया, जो निवेशकों की चिंता को दर्शाता है।
बड़े Capex प्लान्स और एग्जीक्यूशन की चुनौती
आगे बढ़ते हुए, Krsnaa Diagnostics ने FY27 में फिक्स्ड एसेट्स (Fixed Assets) में ₹530 करोड़ निवेश करने की योजना बनाई है। इसका मुख्य फोकस रेडियोलॉजी सेवाओं और राजस्थान प्रोजेक्ट के विस्तार पर होगा। हालांकि, कंपनी ने राजस्थान प्रोजेक्ट के लिए अपने रेवेन्यू अनुमान को घटाकर ₹100-150 करोड़ कर दिया है। यह बड़ा कैपिटल एक्सपेंडिचर, खासकर रेडियोलॉजी पर आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, काफी ज्यादा शुरुआती निवेश की मांग करता है। यह निवेश सामान्य पैथोलॉजी बिजनेस से करीब 2.5 गुना ज्यादा है। यह मॉडल पब्लिक टेंडर्स में कंपनी को बढ़त तो देता है, लेकिन अगर ऑपरेशनल स्केल उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ा तो मार्जिन पर जोखिम बढ़ सकता है।
रिटेल सेगमेंट में ठहराव और शेयर में अस्थिरता
कंपनी के रिटेल B2C सेगमेंट से भी चिंताएं बढ़ रही हैं। इस सेगमेंट ने पिछले तिमाही के मुकाबले ₹15.80 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट किया, जो एक बड़े नेटवर्क के बावजूद लगभग स्थिर है। Krsnaa Diagnostics का स्टॉक बीटा (beta) भी काफी हाई है, जिसके कारण यह मार्केट में गिरावट के प्रति बहुत संवेदनशील है। मैनेजमेंट का मानना है कि स्टाफिंग कॉस्ट बढ़ने की वजह से Q1 FY27 में EBITDA मार्जिन पर अस्थायी दबाव रहेगा, जो मार्जिन में सुधार की उम्मीदों के लिए एक चुनौतीपूर्ण संकेत है।
मिले-जुले संकेतों के बीच सावधानी भरी उम्मीद
इन चुनौतियों के बावजूद, बड़े निवेशकों (institutional investors) का सेंटिमेंट अभी भी सावधानी भरा है। उन्हें Krsnaa के रेडियोलॉजी-केंद्रित पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल से लंबे समय में वैल्यू बनाने की उम्मीद है। FY27 में कंपनी के लिए राजस्थान प्रोजेक्ट को स्थिर करना और B2C सेगमेंट से अच्छी ग्रोथ हासिल करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि वह निवेशकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए बैलेंस शीट एडजस्टमेंट पर निर्भर न रहे।
