Kilitch Drugs ने अपनी इथियोपिया स्थित सब्सिडियरी, Kilitch Estro Biotech को HarmeeCare Pharmaceuticals को **$14 मिलियन** में बेचने का ऐलान किया है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल कर्ज घटाने और महाराष्ट्र के पेन में अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार में करेगी।
रणनीतिक बदलाव (Strategic Pivot)
Kilitch Drugs (India) Ltd ने अपनी इथियोपिया की सब्सिडियरी, Kilitch Estro Biotech PLC में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने का समझौता किया है। यह डील $14 मिलियन में पूरी होगी। कंपनी अब इंटरनेशनल मैन्युफैक्चरिंग से अपना ध्यान हटाकर पूरी तरह से घरेलू बिजनेस पर फोकस करना चाहती है।
फंड का सही इस्तेमाल
इस डील से मिलने वाली राशि का उपयोग दो बड़े लक्ष्यों के लिए किया जाएगा। पहला, कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को कम करेगी ताकि ब्याज का बोझ कम हो सके। दूसरा, बाकी बचे पैसों को महाराष्ट्र के पेन (Pen) में बन रहे नए प्लांट के निर्माण में लगाया जाएगा। इस फैसिलिटी के जरिए कंपनी लिक्विड इंजेक्टेबल वायल, लाइओफिलाइज्ड इंजेक्टेबल्स और ऑप्थैल्मिक सॉल्यूशंस जैसे हाई-ग्रोथ सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
GLP-1 मार्केट पर नजर
कंपनी का मुख्य फोकस अब GLP-1 ड्रग डेवलपमेंट मार्केट में एंट्री करने पर है। फार्मा सेक्टर में इस सेगमेंट की भारी मांग है। हालांकि, इंजेक्टेबल सेगमेंट काफी चुनौतीपूर्ण है, जिसके लिए कंपनी European Union Good Manufacturing Practice और Pharmaceutical Inspection Co-operation Scheme जैसी वैश्विक मान्यताएं हासिल करने में जुटी है।
इथियोपिया से नाता बरकरार
यूनिट बेचने के बावजूद, कंपनी इथियोपिया के बाजार से पूरी तरह बाहर नहीं हो रही है। HarmeeCare Pharmaceuticals के साथ एक लंबी अवधि के सप्लाई और टेक्निकल सर्विस एग्रीमेंट के जरिए कंपनी का कमर्शियल प्रेजेंस वहां बना रहेगा। 31 जनवरी 2027 तक इस डील को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जो शेयरहोल्डर्स और रेग्युलेटरी अप्रूवल पर निर्भर करेगा।
