दक्षिण भारत की मशहूर चेन Kauvery Hospitals अपनी क्षमता को बढ़ाकर **5,000** बेड करने की तैयारी में है। हालांकि ग्रुप तेजी से विस्तार कर रहा है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि शेयर बाजार में केवल KMC Speciality Hospitals ही लिस्टेड है।
विस्तार की रणनीति
चेन्नई स्थित यह हेल्थकेयर चेन आने वाले 3 से 4 सालों में अपनी क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। वर्तमान में ग्रुप के पास 12 फैसिलिटीज और 2,500 बेड मौजूद हैं। इस विस्तार के जरिए कंपनी तमिलनाडु और कर्नाटक में अपनी पकड़ मजबूत करने के साथ ही मदुरै और कोयंबटूर जैसे नए बाजारों में भी पैर पसारना चाहती है।
लिस्टेड और प्राइवेट में अंतर
निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि Kauvery Hospitals का प्राइवेट ग्रुप और शेयर बाजार में लिस्टेड KMC Speciality Hospitals (India) Limited अलग-अलग हैं। हालांकि दोनों एक ही ब्रांड और मैनेजमेंट से जुड़े हैं, लेकिन उनकी बिजनेस संरचना अलग है। लिस्टेड इकाई का हालिया प्रदर्शन दमदार रहा है, जिसमें आय में 39% की वृद्धि देखी गई है।
फंडिंग और कर्ज का गणित
इस बड़े विस्तार को फंड करने के लिए कंपनी इंटरनल कैश के साथ-साथ कर्ज (Debt) और प्राइवेट इक्विटी का सहारा ले रही है। अनुमान है कि कैपेक्स (Capex) का लगभग 70% हिस्सा कर्ज के जरिए जुटाया जाएगा। कर्ज का बढ़ता स्तर कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकता है, क्योंकि इसे चुकाने के लिए नए हॉस्पिटल्स में मरीजों की संख्या को निरंतर बनाए रखना होगा।
प्रतिस्पर्धा और जोखिम
दक्षिण भारत के हेल्थकेयर मार्केट में मुकाबला बहुत कड़ा है। Apollo Hospitals और Manipal Hospitals जैसे बड़े खिलाड़ियों के सामने Kauvery को अपनी जगह और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। परिचालन संबंधी चुनौतियों जैसे कि डॉक्टर्स का इस्तीफा और बढ़ती निर्माण लागत को नियंत्रित करने के लिए कंपनी अपनी टर्नओवर का 3% से 3.5% हिस्सा टेक्नोलॉजी पर खर्च कर रही है।
