कोर्ट ने FSSAI के अश्वगंधा पत्ती बैन पर लगाई रोक
कर्नाटक हाई कोर्ट ने FSSAI की उस एडवाइजरी पर अस्थायी रोक लगा दी है, जो फूड और सप्लीमेंट्स में अश्वगंधा की पत्तियों और उनके एक्सट्रैक्ट्स के इस्तेमाल को सीमित करती थी। इस न्यायिक हस्तक्षेप से उन आठ कंपनियों को तत्काल राहत मिली है जिन्होंने इस एडवाइजरी को चुनौती दी थी।
रेगुलेटरी अथॉरिटी के अधिकार पर सवाल
16 अप्रैल को जारी FSSAI की एडवाइजरी में सिर्फ अश्वगंधा की जड़ों और उनके एक्सट्रैक्ट्स को इस्तेमाल की इजाजत देने की बात कही गई थी। यह पहले के नियमों से अलग था, जो आयुष मंत्रालय की एक नोटिफिकेशन से जुड़ा था। जिन कंपनियों ने इस बैन को चुनौती दी है, जिनमें Kerry Inc. और उसकी सहायक कंपनी Sami-Sabinsa Group शामिल हैं, उनका तर्क है कि इस तरह के प्रतिबंध केवल एडवाइजरी के जरिए नहीं लगाए जाने चाहिए। उनका कहना है कि इसके लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 में औपचारिक संशोधन की जरूरत है। Kerry Group का अश्वगंधा की पत्तियों का इस्तेमाल करने का एक लंबा इतिहास रहा है और FSSAI ने पहले कभी इस पर आपत्ति नहीं जताई थी।
कंपनियों ने यह भी कहा है कि आयुष मंत्रालय की नोटिफिकेशन में अश्वगंधा की पत्तियों के सेवन को सुरक्षा चिंताओं से जोड़ने वाले पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। यह कानूनी विवाद पारंपरिक चिकित्सा को मान्यता देने और कड़े खाद्य सुरक्षा नियमों को लागू करने के बीच टकराव को उजागर करता है।
संभावित जोखिम और भविष्य का दृष्टिकोण
FSSAI और आयुष मंत्रालय अगली सुनवाई, जो 8 जून को होनी है, में इस अंतरिम आदेश को पलटने की कोशिश कर सकते हैं। यदि नियामक निकाय सुरक्षा जोखिमों के पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण पेश करते हैं या एडवाइजरी की वैधता का तर्क देते हैं, तो कंपनियों को फिर से प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। लंबे समय तक चलने वाले कानूनी विवादों से ऑपरेशनल अनिश्चितता भी पैदा हो सकती है, जो निवेश और उत्पाद विकास को प्रभावित कर सकती है।
चुनौती में शामिल न होने वाले प्रतियोगी अस्थायी लाभ उठा सकते हैं। यह मामला न्यूट्रास्यूटिकल इंडस्ट्री में नियामक परिवर्तनों को कैसे लागू किया जाता है और उन्हें समर्थन देने के लिए किस स्तर के प्रमाण की आवश्यकता होती है, इसके लिए एक मिसाल कायम करता है। यह क्षेत्र हर्बल सामग्री के प्रति भविष्य के नियामक दृष्टिकोण पर इसके प्रभाव के लिए आगामी सुनवाई पर बारीकी से नजर रखेगा।
