कराची HIV आउटब्रेक: स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
कराची HIV आउटब्रेक: स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में

कराची में **130** से ज़्यादा लोग, जिनमें ज़्यादातर बच्चे शामिल हैं, अस्पतालों में साफ-सफाई की कमी के कारण HIV से संक्रमित हो गए हैं। अधिकारी अब स्टाफ के खिलाफ एक्शन ले रहे हैं और जनवरी 2027 तक रियूज़ेबल सिरिंज पर राष्ट्रीय बैन लगाने की योजना बना रहे हैं।

कराची में बड़ा स्वास्थ्य संकट!

पाकिस्तान के कराची शहर में एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता सामने आई है। यहां HIV के एक ऐसे आउटब्रेक का पता चला है जिसने कम से कम 130 लोगों को संक्रमित कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि संक्रमित लोगों में ज़्यादातर बच्चे हैं।

कुलसुम बाई वालिका (KBV) अस्पताल, जिसे सिंध एम्प्लॉईज सोशल सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन चलाता है, की जांच में सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी पाई गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक बार इस्तेमाल होने वाली सिरिंज को दोबारा इस्तेमाल करना और मेडिकल उपकरणों को ठीक से हैंडल न करना इस वायरस के फैलने की मुख्य वजहें थीं।

एक्शन और रेगुलेटरी कदम

10,500 से ज़्यादा लोगों की स्क्रीनिंग के बाद इस समस्या का पता चला। इन खुलासों के बाद, अधिकारियों ने 37 मेडिकल प्रोफेशनल्स और अस्पताल के स्टाफ को शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं। सिंध हाई कोर्ट इस समय अस्पताल के संक्रमण नियंत्रण के तरीकों को लेकर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा है।

एक बड़े रेगुलेटरी कदम के तहत, पाकिस्तान की ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ने घोषणा की है कि वे जनवरी 2027 से रियूज़ेबल सिरिंज की रिटेल बिक्री पर पूरी तरह से बैन लगा देंगे, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इसके अलावा, फेडरल हेल्थ मिनिस्ट्री ने देश भर में सर्जरी कराने वाले सभी मरीजों के लिए सर्जरी से पहले HIV की जांच को अनिवार्य कर दिया है।

स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियां

यह घटना क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचे को लेकर बड़ी चिंताओं को उजागर करती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) और UNAIDS सहित स्वास्थ्य संगठनों की रिपोर्ट्स ने पहले ही बताया है कि पाकिस्तान में HIV के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। अनुमान है कि देश में लगभग 3,50,000 लोग इस वायरस के साथ जी रहे हैं, जिनमें से कई को इसकी जानकारी भी नहीं है।

पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन ने चिंता जताई है कि सिंध प्रांत में बच्चों में संक्रमण की दर ऊंची बनी हुई है। यह गर्भवती माताओं के लिए प्रिवेंटिव केयर और ट्रीटमेंट की पहुंच में कमी का संकेत देता है। जैसे-जैसे जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है, अधिकारियों का ध्यान इस संक्रमण को फैलने से रोकने और मेडिकल सुविधाओं में सख्त स्वच्छता मानकों को लागू करने पर है, ताकि भविष्य में ऐसी प्रशासनिक विफलताएं न हों।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.