KKR भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में अपना दबदबा बढ़ाने के लिए बड़ा दांव खेल रहा है। कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म कंपनी Baby Memorial Hospital (BMH) में ₹1,750 करोड़ का अतिरिक्त निवेश किया है। जुलाई 2024 से अब तक KKR का BMH में कुल निवेश ₹5,100 करोड़ से अधिक हो गया है। इस ताज़ा निवेश से KKR की BMH में हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 75% हो गई है, जो कंपनी की मज़बूत प्रतिबद्धता को दिखाता है। यह बड़ी पूंजी KKR के हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
KKR से मिली इस बड़ी पूंजी का इस्तेमाल BMH तेज़ी से अधिग्रहण करने में कर रही है। हाल ही में, BMH ने हैदराबाद स्थित Star Hospitals में ₹1,800 करोड़ में 60% हिस्सेदारी खरीदी है, जिससे Star Hospitals का वैल्यूएशन ₹3,000 करोड़ हो गया। इस डील में Fortis Healthcare जैसी कंपनियां भी रेस में थीं। इससे पहले BMH ने केरल की Meitra Hospital को भी लगभग ₹1,200 करोड़ में खरीदा था। इन अधिग्रहणों के ज़रिए BMH का नेटवर्क अब केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में नौ अस्पतालों तक फैल गया है, जिनकी कुल बेड क्षमता लगभग 3,000 है। उम्मीद है कि ये संयुक्त अस्पताल इस फाइनेंशियल ईयर में ₹2,500 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट करेंगे। आपको बता दें कि भारतीय हेल्थकेयर मार्केट में पिछले कुछ सालों में 30 बिलियन डॉलर से ज़्यादा के मर्जर और अधिग्रहण (M&A) हुए हैं, और KKR इसी ट्रेंड का फायदा उठा रहा है।
KKR का BMH के साथ यह तरीका Max Healthcare और Radiant Life Care के साथ उनकी सफल रणनीति जैसा ही है। उस डील में KKR ने हॉस्पिटल ग्रुप्स को मर्ज और एक्सपैंड करने में मदद की थी, जिसके बाद कंपनी ने अपने निवेश पर कई गुना रिटर्न कमाया था। KKR हेल्थकेयर बिजनेस बनाने और बढ़ाने में माहिर है, और अब वह BMH को भारत का एक प्रमुख नेटवर्क बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसमें मौजूदा सुविधाओं का विस्तार और अन्य अस्पतालों का अधिग्रहण दोनों शामिल है।
हालांकि, KKR की तेज़ विस्तार योजना में कुछ जोखिम भी हैं। Star Hospitals और Meitra Hospital जैसे तेज़ अधिग्रहणों को इंटीग्रेट करना एक बड़ी चुनौती होगी। अलग-अलग ऑपरेशन, क्वालिटी कंट्रोल और एफिशिएंसी बनाए रखना ज़रूरी होगा। इसके अलावा, मौजूदा अधिग्रहणों की वैल्यूएशन काफी ऊंची है। Star Hospitals का वैल्यूएशन ₹3,000 करोड़ था, जो करीब ₹500-600 करोड़ के रेवेन्यू पर था। यह ऊंची वैल्यूएशन बाज़ार में तेज़ कॉम्पिटिशन और निवेशक की रुचि को दिखाती है। इतने महंगे माहौल में, अस्पतालों को चलाने और बढ़ाने के लिए काफी पूंजी की ज़रूरत होगी, जिससे BMH पर बड़ा कर्ज़ (debt) आ सकता है।
भारतीय हेल्थकेयर सेक्टर निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बना हुआ है, जहाँ मर्जर और अधिग्रहण का दौर जारी है और बड़े प्लेटफॉर्म बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। KKR BMH के ज़रिए एक मज़बूत राष्ट्रीय नेटवर्क बनाने की कोशिश में है, वहीं Fortis Healthcare और Max Healthcare जैसे प्रतिद्वंदी भी अधिग्रहण और ऑर्गेनिक ग्रोथ से आगे बढ़ रहे हैं। बाज़ार में अब नए अस्पताल बनाने की बजाय स्थापित और चालू अस्पतालों को खरीदना पसंद किया जा रहा है, ताकि तेज़ी से बाज़ार में पैठ बनाई जा सके। KKR के नेतृत्व वाला BMH इन रुझानों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है, जिसका लक्ष्य दक्षिण भारत में रेवेन्यू ग्रोथ और मार्केट शेयर बढ़ाना है।
