Krishna Institute of Medical Sciences (KIMS) अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रहा है। अब कंपनी मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स के बजाय 4 रीजनल हॉस्पिटल्स में सीधा मालिकाना हक (Ownership) हासिल कर रही है, ताकि **9,600** बेड के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जा सके।
मैनेजमेंट से ओनरशिप तक का सफर
6 अक्टूबर, 2026 को KIMS ने अपने ऑपरेशनल मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए गुंटूर, काकीनाडा, कोमपल्ली और सांगली स्थित चार अस्पतालों में सीधे इक्विटी ओनर बनने का ऐलान किया है। अब तक कंपनी इन अस्पतालों को केवल मैनेजमेंट और ऑपरेशनल पार्टनर के तौर पर चला रही थी, लेकिन अब वे इन परिसंपत्तियों के सीधे मालिक होंगे।
विस्तार और वित्तीय स्थिति
कंपनी का लक्ष्य कुल बेड क्षमता को 9,600 तक ले जाना है। इस आक्रामक विस्तार के लिए जून 2026 में कंपनी ने QIP (Qualified Institutional Placement) के जरिए ₹1,500 करोड़ जुटाए थे, जिससे जुलाई 2026 तक कंपनी का कर्ज घटकर लगभग ₹2,400 करोड़ रह गया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 36.1% बढ़कर ₹1,196 करोड़ पहुंच गया है।
मार्जिन पर दबाव का जोखिम
तेजी से हो रहे विस्तार का असर कंपनी के मुनाफे पर भी दिख रहा है। Q1 FY27 में EBITDA मार्जिन 20.1% रहा, जो FY24 में 26% के स्तर पर था। नए क्षेत्रों में प्रवेश और नई सुविधाओं के एकीकरण (Integration) के चलते ऑपरेशनल लागत बढ़ी है। हालांकि, मौजूदा पार्टनर्स के साथ जुड़कर विस्तार करने से कंपनी को ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के मुकाबले इंटीग्रेशन रिस्क कम रहने की उम्मीद है, लेकिन अब चुनौती इन परिसंपत्तियों से मुनाफे को वापस पुरानी ऊंचाई पर ले जाने की है।
