ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Cohance Life Sciences पर बड़ा एक्शन लेते हुए अपनी रेटिंग को 'Hold' से घटाकर 'Underperform' कर दिया है। फर्म ने शेयर के लिए टारगेट प्राइस (Target Price) भी ₹340 से घटाकर ₹300 कर दिया है, जो मौजूदा स्तरों से बड़ी गिरावट का संकेत देता है।
वित्तीय कमजोरी बनी downgrade का कारण
इस downgrade का मुख्य कारण कंपनी के चौथी तिमाही (Q4) के कमजोर नतीजे रहे। Cohance Life Sciences के नतीजे उम्मीदों से काफी नीचे रहे, खासकर स्पेशियटी केमिकल्स (Specialty Chemicals) सेगमेंट में बड़ी गिरावट देखी गई। कंपनी के EBITDA मार्जिन पर भी काफी दबाव बना हुआ है। इस वजह से Jefferies ने FY27 और FY28 के लिए अपने EPS अनुमानों को 14% से 17% तक घटा दिया है। हाल के दिनों में शेयर की कीमत लगभग ₹478 से ₹485 के आसपास चल रही थी, जबकि Jefferies का टारगेट ₹300 है।
नए CEO की नियुक्ति के बावजूद चिंताएं
बता दें कि हाल ही में, 24 अप्रैल के बाद से कंपनी के शेयर में लगभग 33% की तेजी देखी गई थी, जिसका मुख्य कारण नए चेयरमैन और ग्रुप सीईओ (Chairman & Group CEO) उमांग वोहरा (Umang Vohra) की नियुक्ति थी। हालांकि, Jefferies इस तेजी से सहमत नहीं दिख रहा और उनका मानना है कि शेयर की मौजूदा चाल कंपनी के असली वित्तीय प्रदर्शन से मेल नहीं खाती।
वैल्यूएशन और सेक्टर का परिदृश्य
Cohance Life Sciences का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) लगभग ₹18,300 करोड़ से ₹18,600 करोड़ के बीच है। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) लगभग 58 से 130+ है, जो भारतीय स्पेशियटी केमिकल्स सेक्टर के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि, यह सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, Cohance का प्रदर्शन इस ट्रेंड के विपरीत जा रहा है।
मैनेजमेंट अस्थिरता और अन्य जोखिम
मैनेजमेंट की अस्थिरता (Management Instability): नई नियुक्तियों के बावजूद, कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Changes) एक बड़ी समस्या बनी हुई है। उमांग वोहरा, जो Cipla के पूर्व सीईओ रह चुके हैं, इस साल कंपनी के तीसरे प्रमुख बताए जा रहे हैं। इस तरह की लगातार नेतृत्व परिवर्तन कंपनी की रणनीति और उसके कार्यान्वयन को लेकर अनिश्चितता पैदा करते हैं।
ऑपरेशनल और रेगुलेटरी मुद्दे (Operational & Regulatory Issues): मैनेजमेंट की अस्थिरता के अलावा, कंपनी को ऑपरेशनल चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। Q4 FY26 के नतीजों में रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सितंबर 2025 की रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी की तेलंगाना स्थित फैक्ट्री को US FDA से 6 ऑब्जर्वेशन (Observations) वाला फॉर्म 483 मिला था, जिसमें रिकॉर्ड की समीक्षा में विफलता और दवाओं के रिकॉर्ड से जुड़ी शिकायतों पर अपर्याप्त कार्रवाई जैसे मुद्दे शामिल थे। इसके अतिरिक्त, प्रमोटर के लगभग 100% शेयर गिरवी रखे हुए बताए जा रहे हैं, जो एक बड़ा जोखिम है।
भविष्य की राह:
Jefferies का मानना है कि FY27 Cohance Life Sciences के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा और सुधरने में दूसरी छमाही तक का समय लग सकता है, भले ही FY26 का निचला स्तर कुछ राहत दे। ब्रोकरेज हाउस ने FY27-28 के लिए EPS अनुमानों में 17% तक की कटौती की है।
