Jeevan Scientific Share: Q3 में **614%** चमका मुनाफा, पर 9 महीने में घाटा क्यों बढ़ा?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Jeevan Scientific Share: Q3 में **614%** चमका मुनाफा, पर 9 महीने में घाटा क्यों बढ़ा?
Overview

Jeevan Scientific Technology Limited ने Q3 FY26 में अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में **614.1%** की ज़बरदस्त छलांग लगाते हुए **₹230.06 लाख** का आंकड़ा छुआ है। लेकिन, कंपनी के 9 महीने के कंसोलिडेटेड नतीजों में **₹80.86 लाख** का नेट लॉस सामने आया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के प्रॉफिट से काफी ज़्यादा है। वहीं, स्टैंडअलोन रेवेन्यू **42.5%** बढ़ा, जबकि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में **52.5%** की बढ़ोतरी देखी गई।

📉 नतीजों का पूरा चिट्ठा: कहीं खुशी, कहीं गम!

Jeevan Scientific Technology Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हुई 9 महीने की अवधि (9M FY26) के लिए मिले-जुले नतीजे पेश किए हैं। जहां तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी के स्टैंडअलोन प्रदर्शन ने सबको चौंका दिया, वहीं 9 महीने की कंसोलिडेटेड तस्वीर थोड़ी चिंताजनक है, जिसमें घाटा बढ़ता दिख रहा है।

स्टैंडअलोन में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन

Q3 FY26 में, Jeevan Scientific का स्टैंडअलोन ऑपरेशनल रेवेन्यू 42.5% बढ़कर ₹1,690.66 लाख पर पहुंच गया। यह पिछली तिमाही (Q2 FY26) की तुलना में 62.1% की ज़बरदस्त उछाल थी। कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) तो 614.1% उछलकर ₹230.06 लाख रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही (Q3 FY25) के ₹32.25 लाख के प्रॉफिट और पिछली तिमाही (Q2 FY26) के ₹8.54 लाख के नेट लॉस से एक बड़ा उलटफेर दिखाता है। नतीजतन, स्टैंडअलोन PAT मार्जिन भी सुधरकर 13.6% हो गया, जो पिछले साल 2.7% था।

हालांकि, 9 महीने की अवधि के लिए कहानी थोड़ी अलग है। स्टैंडअलोन रेवेन्यू में सिर्फ 2.5% की मामूली बढ़ोतरी होकर यह ₹3,556.40 लाख रहा। इससे भी ज़्यादा चिंताजनक बात यह है कि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 92.5% की भारी गिरावट आई, जो घटकर सिर्फ ₹5.53 लाख रह गया।

कंसोलिडेटेड तस्वीर में बढ़ता घाटा

कंसोलिडेटेड आधार पर देखें तो Q3 FY26 में ऑपरेशनल रेवेन्यू 52.5% बढ़कर ₹1,907.15 लाख रहा। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹240.09 लाख दर्ज किया गया। लेकिन, 9 महीने की कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस ने मायूस किया। 9M FY26 में कंपनी को ₹80.86 लाख का नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल (9M FY25) इसी अवधि में ₹5.90 लाख का नेट प्रॉफिट था। यानी, कंसोलिडेटेड PAT मार्जिन घटकर -2.0% हो गया।

कंपनी की सब्सिडियरी, Nayas Laboratories Private Limited ने Q3 FY26 में ₹194.18 लाख का रेवेन्यू और ₹9.50 लाख का नेट प्रॉफिट दिया।

निवेशकों के लिए क्या है चिंता की बात?

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां स्टैंडअलोन नतीजे इतने दमदार हैं, वहीं 9 महीने के कंसोलिडेटेड नतीजे लगातार क्यों गिर रहे हैं। कंसोलिडेटेड लेवल पर लगातार घाटा, खासकर सब्सिडियरी के साथ, लागत दबाव या अंदरूनी परिचालन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है। मैनेजमेंट से इस बारे में स्पष्टीकरण की उम्मीद होगी कि कंसोलिडेटेड घाटे के पीछे क्या कारण हैं और कंपनी इसे सुधारने के लिए क्या रणनीति अपनाएगी।

कंपनी ने किसी भी तरह के फोरवर्ड लुकिंग गाइडेंस या मैनेजमेंट कमेंट्री के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, जिससे भविष्य की राह पर अटकलें ही लगाई जा सकती हैं।

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