Johnson & Johnson ने अपनी नई ओरल प्रोस्टेट कैंसर दवा JNJ-6143 के शुरुआती क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे जारी किए हैं। जिन मरीजों पर पुरानी दवाएं बेअसर थीं, उनमें ट्यूमर घटने के संकेत मिले हैं।
उम्मीद की नई किरण
European Society for Medical Oncology Congress में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, Johnson & Johnson की दवा JNJ-6143 उन मरीजों के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जिन्होंने पहले ही कई तरह के इलाज अपना लिए हैं। 31 मरीजों पर किए गए इस शुरुआती ट्रायल में दवा का असर काफी प्रभावी दिखा है।
ट्रायल के आंकड़े क्या कहते हैं?
डेटा के मुताबिक, करीब 77% प्रतिभागियों में प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन (PSA) के स्तर में कम से कम 50% की गिरावट दर्ज की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि लगभग आधे मरीजों में ये ब्लड मार्कर्स 90% तक गिर गए। इतना ही नहीं, इमेजिंग टेस्ट में 69% मरीजों के ट्यूमर या तो सिकुड़ गए या पूरी तरह गायब हो गए।
क्यों अहम है यह कदम?
यह दवा Halda Therapeutics के $3.05 बिलियन के अधिग्रहण का हिस्सा है। बड़ी फार्मा कंपनियों के लिए अपनी पाइपलाइन में ऐसी नई दवाओं का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि पेटेंट खत्म होने के बाद पुरानी दवाओं से होने वाली कमाई कम हो जाती है। यह नई दवा कंपनी को बाजार में एक प्रतिस्पर्धी बढ़त दिला सकती है।
निवेशकों के लिए सावधानी
हालांकि नतीजे उत्साहजनक हैं, लेकिन अभी यह शुरुआती चरण है। दवा को अंतिम मंजूरी मिलने से पहले इसे बड़े और व्यापक क्लिनिकल ट्रायल्स से गुजरना होगा, जहां सुरक्षा और प्रभावकारिता की दोबारा जांच होगी। ट्रायल के दौरान कुछ मरीजों में मतली (nausea) और कोलेस्ट्रॉल व ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में बढ़ोतरी जैसे साइड इफेक्ट्स भी देखे गए हैं। एक प्रतिभागी को इसी कारण ट्रायल से बाहर भी होना पड़ा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा मापदंडों पर अभी और काम करना बाकी है।
