पंजाब की दवा कंपनी Jackson Laboratories ने सरकार के लाइसेंस रद्द करने के फैसले को चुनौती दी है। राजस्थान में ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन से जुड़ी मौतों की खबरों के बाद यह कार्रवाई हुई थी। कंपनी का कहना है कि उसके प्रोडक्ट जिम्मेदार नहीं थे और टेस्टिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।
Detailed Coverage
लाइसेंस रद्द करने पर उठाया सवाल
पंजाब की दवा निर्माता कंपनी Jackson Laboratories ने राज्य सरकार के अपने मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द करने के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह एक्शन राजस्थान के कोटा में ऑक्सिटोसिन इंजेक्शन से जुड़ी कथित मौतों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की खबरों के बाद लिया गया था।
कंपनी का पक्ष
Jackson Laboratories ने पंजाब स्वास्थ्य विभाग को भेजे जवाब में इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि उनकी ओर से सप्लाई किए गए ऑक्सिटोसिन (Oxytocin) के प्रोडक्ट की क्वालिटी में कोई खराबी नहीं थी। कंपनी ने यह भी तर्क दिया है कि टेस्टिंग का तरीका और ड्रग्स के असिस्टेंट कमिश्नर द्वारा बताए गए नतीजे गलत हैं।
राजस्थान की घटनाओं से इंकार
कंपनी का कहना है कि उन्हें राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर और बांसवाड़ा जैसे इलाकों में हुई घटनाओं के लिए गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। Jackson Laboratories का दावा है कि इन जगहों पर उनके प्रोडक्ट सप्लाई ही नहीं हुए थे, ऐसे में मौतों का उनकी दवाओं से कोई लेना-देना नहीं है। कंपनी ने कोटा स्थित अस्पताल से मिले कथित बयानों का भी हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि मरीजों पर नकारात्मक प्रभाव उनकी दवा के कारण नहीं हुआ था।
रेगुलेटरी एक्शन और आगे क्या?
यह मामला जून में तब गरमाया था जब रेगुलेटरी अथॉरिटीज को पता चला कि कुछ ऑक्सिटोसिन की शीशियों में एक्टिव फार्मा इंग्रेडिएंट्स (Active Pharmaceutical Ingredients) की जगह सिर्फ पानी भरा था। कंपनी के लिए यह एक बड़ा झटका था क्योंकि ऐसे मामले सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा और सप्लाई चेन पर असर डालते हैं।
फिलहाल, Jackson Laboratories के अधिकारी पंजाब के स्वास्थ्य सचिव के सामने अपनी दलीलें पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। लाइसेंस रद्द करने के इस ऑर्डर को चुनौती दी गई है। हालांकि, सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी गई है और नई तारीख का इंतजार है। निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इन मुश्किलों से कैसे बाहर निकल पाती है। आगामी स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठकों का नतीजा यह तय करेगा कि कंपनी दोबारा उत्पादन शुरू कर पाएगी या उसे लंबे समय तक परिचालन संबंधी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
