ग्रोथ को लेकर ब्रोकरेज की चिंताएं
JM Financial ने Mankind Pharma के शेयर पर 'Reduce' की रेटिंग दी है, जो निवेशकों के लिए एक तरह की चेतावनी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के मुख्य भारतीय कारोबार में धीमी होती ग्रोथ को एक बड़ी चिंता का विषय बताया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी का मौजूदा प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, जो पुराने और स्थापित थेरेपी पर ज्यादा निर्भर है, अकेले दम पर बड़ी रिकवरी लाने में सक्षम नहीं होगा। मैनेजमेंट की उम्मीदों के बावजूद, आगे चलकर डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल करना मुश्किल नजर आ रहा है। फिलहाल Mankind Pharma के शेयर का वैल्यूएशन अपने साथियों की तुलना में काफी महंगा है, जो FY27 और FY28 के लिए लगभग 23x और 20x के फॉरवर्ड EV/Ebitda मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है।
BSV अधिग्रहण पर कसा शिकंजा
हाल ही में हुए BSV के अधिग्रहण पर JM Financial की खास नजर है। हालांकि यह अधिग्रहण महिलाओं के स्वास्थ्य और बांझपन (infertility) सेगमेंट में Mankind Pharma की मौजूदगी को बढ़ाता है, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि अधिग्रहण की कीमत बहुत ज्यादा है। इस ऊंची वैल्यूएशन से कंपनी के रिटर्न ऑन कैपिटल (RoC) पर असर पड़ने की उम्मीद है, जो कि कम हो सकता है। BSV एक अच्छी एसेट है, लेकिन इसके मध्यम विकास की दरें शायद प्रीमियम वैल्यूएशन को पूरी तरह से सही न ठहरा पाएं, जिससे लंबे समय तक पे-बैक पीरियड की संभावना है। इस अधिग्रहण से FY26E–FY28E के दौरान RoC के 20% के ऊपरी दायरे से घटकर 8-10% तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे Mankind के ऑपरेटिंग और फाइनेंशियल मेट्रिक्स इंडस्ट्री के साथियों से नीचे आ जाएंगे।
वैल्यूएशन प्रीमियम और टारगेट प्राइस
Mankind Pharma फिलहाल अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। उदाहरण के लिए, Torrent Pharma लगभग 30-35x, Sun Pharma 25-30x, और Cipla 20-25x के फॉरवर्ड P/E पर कारोबार कर रहे हैं। यह प्रीमियम, ग्रोथ की चिंताएं और BSV अधिग्रहण के प्रभाव को देखते हुए, JM Financial ने कंपनी का वैल्यूएशन FY28E Ebitda के 20x पर किया है। नतीजतन, शेयर के लिए ₹2,030 का टारगेट प्राइस तय किया गया है, जो मौजूदा ट्रेडिंग स्तरों से संभावित गिरावट का संकेत देता है। यह वैल्यूएशन विश्लेषकों की आम राय के विपरीत है, जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से इस स्टॉक को पसंद किया है।
एक्सपोर्ट और भविष्य की राह
हालांकि Mankind Pharma का क्रॉनिक थेरेपी पोर्टफोलियो मजबूत बना हुआ है, लेकिन यह एक्यूट सेगमेंट में मंदी की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। कंपनी के नए प्रोडक्ट लॉन्च पाइपलाइन की विजिबिलिटी भी सीमित है। एक्सपोर्ट्स को एक संभावित ग्रोथ ड्राइवर के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें FY26-FY28 के दौरान 14% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) की उम्मीद है, जो BSV बिजनेस और अमेरिका में बढ़ती मौजूदगी से समर्थित है। हालांकि, अनुमानित 12% रेवेन्यू ग्रोथ और 14% EBITDA ग्रोथ दरों पर, BSV के महंगे इंटीग्रेशन के कारण FY26-FY28 के दौरान RoC के 8-10% तक गिर जाने की उम्मीद से लगाम लगी है। भारतीय फार्मा सेक्टर खुद 8-10% CAGR से बढ़ने की उम्मीद है, जो एक प्रतिस्पर्धी माहौल पेश करता है जहां विभेदीकरण (differentiation) और कुशल पूंजी आवंटन (efficient capital allocation) सर्वोपरि हैं। ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY25–FY28E के दौरान रेवेन्यू, Ebitda और PAT में क्रमशः 12%, 14% और 8% की CAGR से ग्रोथ होगी, जिसमें ऑपरेटिंग लीवरेज से 88 bps के मार्जिन विस्तार का समर्थन मिलेगा, हालांकि यह RoC संबंधी चिंताओं से प्रभावित होता है।